नौशाद के परिवार ने 2 मई 2025 को खेड़ीपुल थाना पुलिस को शिकायत देकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया कि 18 अप्रैल को नौशाद घर से गया था। उसके बाद से वो वापस नहीं लौटा है। थाना पुलिस की टीम ने अपने स्तर पर जांच शुरू की लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लग रहा था। शनिवार को खेड़ीपुल थाना एसएचओ इंस्पेक्टर नरेश को सूत्रों से सूचना मिली कि जब नौशाद लापता हुआ तो वो अपने दोस्तों के साथ था।
सूचना के आधार पर पुलिस ने गड्ढा कॉलोनी निवासी अर्जुन और ठाकुरवाड़ा निवासी रवि को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। सख्ती से पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ये कई दोस्त मिलकर जेबकतरी की वारदात करते हैं। 18 अप्रैल 2025 को रुपयों के बंटवारे को लेकर नौशाद व पवन में कहासुनी हो गई थी। तब अर्जुन व रवि भी वहां पहुंचे और कहासुनी शांत करा पवन को घर भेज दिया था। लेकिन बाद में इन दोनों और नौशाद के बीच कहासुनी हो गई जो झगड़े में बदल गई। नौशाद ने ईंट से वार कर अर्जुन व रवि को घायल कर दिया। बाद में इन्होंने कॉल कर पवन, दीपक व शाहिद को बुला लिया। सभी नशे में भी थे। इस दौरान सभी ने मिलकर नौशाद को डंडों व ईंट-पत्थर से बहुत ज्यादा पीट दिया और वो बेहोश हो गया।
आरोपियों ने खुलासा किया कि नौशाद को बेहोशी की हालत में ऑटो में डालकर ये मवई के पास आगरा नहर पर बने पुल से फेंक दिया और भाग गए। कुछ देर बाद नशा उतरा तो ये नौशाद को देखने पहुंचे। लेकिन तब तक नौशाद की मौत हो चुकी थी। जिसके बाद इन्होंने शव को आगरा नहर में फेंक दिया था। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि थाना पुलिस की टीम अब अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। साथ ही नहर से शव मिलने के बारे में आस-पास के थानों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है। ताकि ये पता चल सके कि 18 अप्रैल के आस-पास कोई युवक का शव नहर में मिला हो।