चहारदीवारी करने पहुंचे प्लॉट मालिक को एचएसवीपी कर्मियों ने रोका
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। प्लॉट बेचने के नाम पर 37.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कुछ दिन पहले जब प्लॉट मालिक जमीन पर चहारदीवारी कराने पहुंचा, तभी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) कर्मचारियों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया। कर्मचारियों ने बताया कि संबंधित जमीन पहले से विभाग के अधिग्रहण में है। इसके बाद पीड़ित को धोखाधड़ी का पता चला। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर थाना सेंट्रल पुलिस ने एक जून को प्राथमिकी दर्ज की। मामले में ओम प्रकाश, इस्लाम, रमेश कुमार, मदन मोहन, सुखबिंद्र सिंह, गौरव भाटिया और भोपाल सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप में धारा 420, 506 और 120बी आईपीसी के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मामले में लेनदेन, दस्तावेजों और जमीन की स्थिति की जांच कर रही है।
पीड़ित लकड़पुर निवासी सलीम कुरैशी ने पुलिस आयुक्त को शिकायत दी थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पहचान ओम प्रकाश और इस्लाम से थी। दोनों ने उन्हें बड़खल क्षेत्र में सस्ती और अच्छी जमीन दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद उनकी मुलाकात रमेश कुमार, मदन मोहन, सुखबिंद्र सिंह, गौरव भाटिया और भोपाल सिंह से कराई गई। आरोपियों ने बड़खल क्षेत्र में स्थित 100 वर्गगज के एक प्लॉट को अपना बताया।
शिकायतकर्ता के अनुसार दो अप्रैल 2024 को प्लॉट का सौदा 37.50 लाख रुपये में तय हुआ और उन्होंने नौ लाख रुपये बतौर बयाना दिए। बाद में 28 जून 2024 को शेष राशि का भुगतान कर दिया। आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने इकरारनामा, रसीद, पजेशन लेटर, मुख्तारनामा और वसीयतनामा जैसे दस्तावेज भी तैयार करवा दिए। सलीम कुरैशी ने आरोप लगाया कि हाल ही में जब वह प्लॉट पर चहारदीवारी कराने पहुंचे तब एचएसवीपी कर्मचारियों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया और बताया कि संबंधित जमीन पहले से विभाग द्वारा अर्जित की जा चुकी है। इसके बाद आरोपियों से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया।