फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: यीडा की फर्जी वेबसाइट बनाकर प्लॉट के नाम पर 690 लोगों से करोड़ों की ठगी

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो-4,5 यीडा की फर्जी वेबसाइट बनाकर प्लॉट के नाम पर 690 लोगों से करोड़ों की ठगी
विज्ञापन

-साइबर सेल ने तीन को गिरफ्तार कर भेजा जेल, 3.82 करोड़ रुपये का लेनदेन
हरियाणा, यूपी, दिल्ली समेत अन्य केंद्रों के ध्यानार्थ
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) ग्रेटर नोएडा का फर्जी पोर्टल बनाकर लोगों से प्लॉट के नाम पर ठगी करने वाले तीन लोगों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने यूपी, हरियाणा व दिल्ली में इस प्रकार की 690 वारदातों को अंजाम दिया है। बैंक खातों से करीब 3.82 करोड़ रुपये का लेनदेन पाया गया है। पूछताछ के बाद पुलिस ने तीनों को जेल भेज दिया है।
एसीपी साइबर क्राइम मोनिका ने शनिवार को प्रेसवार्ता में बताया कि यमुना आवासीय योजना के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के तीन मामले दर्ज हुए थे। इसके बाद टीम ने इसकी जांच शुरू की। एसीपी ने बताया कि विनोद तथा मधुर नोएडा यूपी के रहने वाले हैं। एक अन्य आरोपी दिल्ली के मयूर विहार निवासी अनूप है। आरोपी यमुना आवासीय योजना के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम देते थे। यमुना आवास योजना में लोगों को लॉटरी सिस्टम से सस्ते प्लॉट उपलब्ध करवाए जाते हैं। जिसमें प्लॉट के साइज के अनुसार फीस जमा करवानी होती है और बाद में यदि लॉटरी में किसी व्यक्ति का नाम आ जाता है तो उसे सस्ते दाम पर प्लॉट मिल जाता है। इसके लिए उन्हें यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी ग्रेटर नोएडा (यूपी) की वेबसाइट पर रजिस्टर करना होता है।
विज्ञापन

-
मिलती-जुलती फर्जी वेब साइट बनाया
एसीपी ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी ग्रेटर (यीडा) नोएडा जैसी हूबहू एक फर्जी वेबसाइट बनाकर आरोपियों ने लोगों को सस्ते प्लॉट का लालच दिया। उनसे इस फर्जी वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करवाने के पश्चात उनसे पैसे ऐंठने शुरू कर दिए। आरोपियों ने फरीदाबाद के रहने वाले तीन व्यक्तियों से 42 हजार, 31 हजार व 21 हजार रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। जब ग्राहकों ने अपना प्लॉट या पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने पैसे वापस करने से मना कर दिया और प्लॉट भी नहीं दिया। पीड़ितों ने इसकी शिकायत थाने में की, जिसके पश्चात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश फर्जीवाड़े की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करके आरोपियों की तलाश शुरू की गई और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन

-
3.82 करोड़ का हुआ लेनदेन
आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, 4 मोबाइल व 94 हजार रुपये नगद बरामद किए गए हैं। जबकि, आरोपियों के 34 लाख रुपये बैंक खातों में होल्ड करवाए गए हैं। आरोपियों को तीन मुकदमों में सात दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर मामले में पूछताछ शुरू की गई। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने यूपी, हरियाणा व दिल्ली में इस प्रकार की 690 वारदातों को अंजाम दिया है। बैंक खातों से करीब 3.82 करोड़ रुपये का लेनदेन पाया गया है। पुलिस द्वारा इन मामलों में संबंधित थानों को सूचित किया जा रहा है। वहीं, मामले में शामिल अन्य आरोपियों की जांच की जा रही है। शनि वार को तीनों को जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें