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Faridabad News: बड़ी कंपनियों की फ्रेंचाइजी दिलवाने के नाम पर 39.20 लाख की ठगी, इंजीनियर समेत दो गिरफ्तार

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अमर उजाला ब्यूरो
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फरीदाबाद। शहर में मैकडोनाल्ड,डोमिनोज, बर्गर किंग, पिज्जा हट, तनिष्क ज्वेलर जैसी ब्रांडेड कंपनियों की फ्रेंचाइजी दिलवाने के नाम पर 39.20 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को साइबर थाना सेंट्रल ने गिरफ्तार किया है। बिहार निवासी इंजीनियर प्रशांत और शैलेंद्र को बिहार में अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 29 मोबाइल फोन, 70 डेबिट कार्ड व चेक बुक, लैपटॉप हार्ड डिस्क, पेनड्राइव व 2.20 लाख रुपये बरामद किए गए हैं।
डीसीपी सेंट्रल पूजा वशिष्ठ ने बृहस्पतिवार को अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता में बताया कि आरोपी प्रशांत कुमार ने कंप्यूटर साइंस से बीटेक कर रखा है और वह मुंबई में एक विज्ञापन एजेंसी में काम करता था और पुणे में अपने परिवार के साथ रहता था। आरोपी शैलेंद्र 12वीं तक पढ़ा है। उसने वर्ष 2019 में एक अन्य साइबर वारदात को अंजाम दिया था। जिसमें आरोपी को उड़ीसा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके अलावा मुंबई, पश्चिम बंगाल, हैदराबाद में भी साइबर ठगी की वारदात को अंजाम दे चुका है। डीसीपी ने कहा कि आजकल लोग अपना बिजनेस सेटअप करने के लिए विभिन्न प्रकार के तरीके अपनाते हैं। इसी क्रम में डोमिनोज, बर्गर किंग, मैकडोनाल्ड, पिज्जा हट, तनिष्क ज्वेलर जैसी ब्रांडेड कंपनियां अपनी फ्रेंचाइजी देती हैं। जिसके लिए फ्रेंचाइजी लेने वाले व्यक्ति से एक तयशुदा राशि लेती है। इसके बाद वह व्यक्ति इस कंपनी की एक ब्रांच खोल सकता है। इसी का फायदा उठाकर आरोपी इस प्रकार की ब्रांडेड कंपनी की फ्रेंचाइजी बेचने के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम देते थे।
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ऐसे दिया वारदात को अंजाम
आरोपियों ने फरीदाबाद के रहने वाले एक व्यक्ति के साथ मैकडोनाल्ड की फ्रेंचाइजी दिलवाने के नाम धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी कंपनी की एक फर्जी ईमेल बनाकर फ्रेंचाइजी खरीदने वाले व्यक्ति को मेल पर भेजते हैं। जिसमें उस व्यक्ति की जानकारी, आउटलेट खोलने का पता, इंफ्रास्ट्रक्चर आदि की जानकारी भरने के लिए कहते हैं। इसके बाद फ्रेंचाइजी के फार्म के अप्रूवल चार्ज, डेवलपमेंट चार्ज, एनओसी चार्ज, साइट डेकोरेशन एंड फर्नीचर चार्ज आदि के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं। फरीदाबाद निवासी सुरेश कुमार ने आरोपियों को करीब 39.20 लाख रुपये दे दिए और जब उन्हें धोखाधड़ी का अहसास हुआ तो उन्होंने चार अगस्त को साइबर थाना सेंट्रल में इसकी शिकायत दी। जिसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करके उनकी तलाश शुरू की गई।

14 दिन में दो गिरोह के दो आरोपी बिहार से दबोचे
डीसीपी सेंट्रल पूजा वशिष्ठ के निर्देश पर थाना प्रभारी सुरेंद्र के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम गठित की गई। जिसमें उपनिरीक्षक बाबूराम, सहायक उप निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह, मुख्य सिपाही दिनेश, देवेंद्र कुमार, सिपाही कर्मबीर, सिपाही संदीप और शमशेर शामिल थे। टीम ने तकनीक की सहायता से मामले में शामिल आरोपी प्रशांत कुमार को बिहार के पटना से नौ अगस्त को और आरोपी को शैलेंद्र बिहार के नवादा जिले के वारसीलिंग से 20 अगस्त को गिरफ्तार किया। आरोपी को शैलेंद्र को बिहार में अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेकर दो लाख रुपये, 10 मोबाइल फोन व 67 डेबिट कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोपी प्रशांत ने ठगी के रुपये से 8 लाख रुपये की स्विफ्ट कार खरीदी थी। उसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। इसके अलावा आरोपी से लैपटॉप हार्ड डिस्क, पेनड्राइव और 20 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। आरोपी प्रशांत को 9 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया था। आरोपी शैलेंद्र तीन दिन रिमांड पर रहा। दोनों आरोपियों के कब्जे से 29 मोबाइल फोन, 70 डेबिट कार्ड व चेक बुक, लैपटॉप हार्ड डिस्क पेनड्राइव व 2.20 लाख रुपये बरामद किए गए।
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आरोपियों के कार्य
आरोपी प्रशांत कुमार, परफॉर्मा डिजाइन, पेज डिजान, डॉक्यूमेंट बनाने का काम करता था। आरोपी को शैलेंद्र फर्जी अकाउंट उपलब्ध कराने का और खातों से पैसे निकालने का काम करता है। आरोपी शैलेंद्र मुंबई, पश्चिम बंगाल, हैदराबाद और उड़ीसा में फ्रॉड की वारदात में अदालत से जमानत पर चल रहा है। मामले में पूछताछ जारी है। पूछताछ के बाद मामले में शामिल अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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