निवेश, केवाईसी और वर्क वीजा दिलाने के नाम पर दिया वारदात को अंजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। साइबर ठगों ने शहर के चार लोगों से कुल 40.91 लाख रुपये ठग लिए। जालसाजों ने इसके लिए फर्जी निवेश एप, लोन दिलाने के बहाने केवाईसी, इंस्टाग्राम पर वर्क वीजा का विज्ञापन और टेलीग्राम पर मुनाफा कमाने का झांसा देने जैसे अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया। साइबर थाना पुलिस ने सभी मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहले मामले में सेक्टर-82 फ्लोरिडा अपार्टमेंट निवासी विजय गुप्ता को 14 मार्च को व्हाट्सएप पर ट्रेडिंग ग्रुप का लिंक मिला। ग्रुप ज्वाइन करने के बाद उन्हें एक एप डाउनलोड कराई गई। खुद को असिस्टेंट बताने वाली ईशा नायर नामक महिला और उसके साथियों ने विजय को अच्छे स्टॉक व आईपीओ अलॉटमेंट का झांसा दिया। मुनाफे के लालच में आकर विजय ने आठ अप्रैल से दो मई के बीच विभिन्न बैंक खातों में कुल 32.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। पेमेंट पूरा होने के बाद जब आरोपियों ने 11 लाख रुपये की और मांग की, तो ठगी का अहसास हुआ। साइबर थाना सेंट्रल ने सात मई को प्राथमिकी दर्ज की गई।
युवक के दस्तावेज से लोन लेकर की ठगी
दूसरे मामले में विनोद यादव को केवल 50,000 रुपये के लोन की जरूरत थी, लेकिन साइबर ठगों ने बड़ी चालाकी से उनके नाम पर 7 लाख रुपये का लोन फाइनेंस करवा दिया। असल में ठगी का तरीका यह था कि जालसाजों ने विनोद के ही दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनके बैंक खाते में 6,69,900 रुपये की भारी भरकम राशि मंगवा ली। जैसे ही पैसे खाते में आए, ठगों ने सर्वर इश्यू का बहाना बनाया और कहा कि तकनीकी गलती से 50 हजार की जगह 7 लाख का लोन हो गया है, इसलिए बाकी पैसे तुरंत वापस करने होंगे। विनोद ने ठगों की बात मानकर अपने खाते में आए पैसों के अलावा अपनी जेब से इंश्योरेंस और फाइल चार्ज के नाम पर और पैसे मिला दिए। उन्होंने किस्तों में कुल 6,98,695 रुपये जालसाजों के खातों में वापस भेज दिए। ठगों ने विनोद को विश्वास दिलाने के लिए बकायदा फर्जी ईमेल और रिफंड की पीडीएफ फाइलें भी भेजीं। अंत में जब उनसे 34 हजार रुपये की और मांग की गई, तब उन्हें एहसास हुआ कि उनके खाते में आए लोन के पैसे भी चले गए और उनके पास से अतिरिक्त राशि भी ठग ली गई।
निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर ठगी
तीसरे मामले में तिगांव निवासी सुनील को 25 अप्रैल को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। इसके बाद टेलीग्राम पर आरोही जैन नामक प्रोफाइल से उनसे संपर्क किया गया। आरोपी ने कॉइन बेस नामक फर्जी वेबसाइट पर सुनील का खाता बनवाया। शुरुआत में टास्क पूरा करने पर सुनील को 2100 रुपये का मुनाफा मिला। इसके बाद 30 से 40 प्रतिशत रिटर्न का झांसा देकर आरोपियों ने उनसे 92,519 रुपये निवेश करा लिए। पैसे निकालने का प्रयास करने पर और रकम मांगी गई और बाद में उन्हें ब्लॉक कर दिया गया। साइबर थाना बल्लभगढ़ ने साज मई को प्राथमिकी दर्ज की।
जॉर्जिया के वर्क वीजा का विज्ञापन दिखाकर ठगी
चौथे मामले में ओल्ड फरीदाबाद की न्यू बसेलवा कॉलोनी निवासी प्रवीण शर्मा ने चार फरवरी को इंस्टाग्राम पर जॉर्जिया के वर्क वीजा का विज्ञापन देखा था। संपर्क करने पर आरोपियों ने व्हाट्सएप कॉल के जरिये वीजा लगवाने का झांसा दिया। आरोपियों ने झांसा देकर अलग-अलग तिथियों में क्यूआर कोड के माध्यम से कुल पचास हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए। दो महीने बीतने के बाद भी जब वीजा नहीं मिला और आरोपियों ने नंबर ब्लॉक कर दिया, तब प्रवीण को ठगी का पता चला। साइबर थाना सेंट्रल ने 7 मई को प्राथमिकी दर्ज कर ली है।