संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। सूरजकुंड मेले में चार दिवसीय चित्रकला कार्यशाला का आयोजन किया गया है। यह कार्यशाला 8 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। उसमें हरियाणा सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकार अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
बृहस्पतिवार को हरियाणा पर्यटन निगम के एजीएम एवं मेले के नोडल अधिकारी हरविंद्र यादव तथा एजीएम राजपाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर चित्रकला कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कला एवं संस्कृति के संरक्षण में इस प्रकार की कार्यशालाओं की भूमिका को रेखांकित किया।
मेले के नोडल अधिकारी हरविंद्र सिंह ने कहा कि इस तरह की चित्रकला कार्यशालाएं कलाकारों को न केवल अपनी कला प्रस्तुत करने का सशक्त मंच प्रदान करती हैं, बल्कि भारतीय कला, लोकसंस्कृति और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं प्रचार में भी अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कलाकारों से अपनी रचनाओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति की विविधता को दर्शाने का आह्वान किया।
30 से अधिक कलाकार उकेर रहे हैं भारतीय लोक जीवन की झलक
इस चार दिवसीय चित्रकला कार्यशाला में 30 से अधिक कलाकार भाग ले रहे हैं। कलाकार अपनी-अपनी विशिष्ट शैली, रंगों और कल्पनाशक्ति के माध्यम से भारतीय लोकसंस्कृति, ग्रामीण जीवन, परंपराओं तथा सूरजकुंड मेले की जीवंत छवि को कैनवास पर साकार कर रहे हैं। कार्यशाला के दौरान तैयार की जा रही कलाकृतियां मेले में आने वाले दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेंगी।
8 फरवरी तक जारी रहेगा रचनात्मक सृजन
कला एवं संस्कृति अधिकारी ने बताया कि 8 फरवरी तक चलने वाली इस कार्यशाला में कलाकार विभिन्न विषयों पर अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत करेंगे। इससे न केवल कलाकारों को आपसी संवाद और सीखने का अवसर मिलेगा, बल्कि सूरजकुंड मेले की सांस्कृतिक गरिमा और पहचान को भी और अधिक मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर कला एवं सांस्कृतिक अधिकारी रेणु हुडा व डॉ दीपिका रानी सहित अन्य अधिकारी व स्टाफ सदस्य उपस्थित थे।