इटली, जापान, ईरान, जर्मनी, पुर्तगाल और ब्राजील सहित 30 देश के प्रतिनिधि लेंगे हिस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार से चार दिवसीय फ्यूजन ऑफ एंड टेक्नाॅलोजी पर 10वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आईएसएफटी का आयोजन किया जाएगा। इसमें संयुक्त राज्य अमेरिका, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड, इटली, जापान, ईरान, जर्मनी, पुर्तगाल और ब्राजील के अलावा 30 देश के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। सम्मेलन में एक पोस्टर प्रस्तुति का भी आयोजन किया जाएगा।
इसका आयोजन सोसायटी फॉर फ्यूजन ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एसएफएसटी), राजमंगला यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी सुवर्णभूमि (आरएमटीएस) दक्षिण कोरिया, केटेंग कॉरपोरेशन थाइलैंड, श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय गुरुग्राम सहित कई शिक्षण संगठनों के सहयोग से किया जा रहा है। इसे एयर-कंडीशनिंग, एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स लिमिटेड, बोनी पॉलिमर्स, दिल्ली बुक स्टोर, नरेंद्र बुक एजेंसी और वाईएमसीए माॅब द्वारा प्रायोजित किया जा रहा है। विश्व विद्यालय के कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर ने बताया कि आईएसएफटी का आयोजन दूसरी बार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आईएसएफटी-2024 का औपचारिक उद्घाटन 5 जनवरी, 2024 को होगा, जिसके बाद पूर्ण और तकनीकी सत्र होंगे। इसमें हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय, महेंद्रगढ़ के कुलपति डॉ. टंकेश्वर कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद होंगे। विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र कंवल जीत जावा, प्रबंध निदेशक और सीईओ, डाइकिन इंडिया उद्घाटन समारोह में सम्मानित अतिथि होंगे। इस मौके पर विश्वविद्यालय की एलुमनी संघ वाईसीएमए माॅब के अध्यक्ष सुखदेव सिंह भी उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन सत्र में सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन किया जाएगा। आईएसएफटी के संयोजक प्रोफेसर विक्रम सिंह ने बताया कि सम्मेलन में 10 तकनीकी सत्र होंगे। भारत के अलावा अमेरिका, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड, इटली, जापान, ईरान, जर्मनी, पुर्तगाल और ब्राजील सहित विभिन्न देशों के लगभग 250 शोधकर्ताओं के 200 से अधिक शोधपत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पहले दिन शाम और दूसरे दिन सुबह प्रतिभागियों का पंजीकरण किया जाएगा। दूसरे दिन उद्घाटन सत्र के बाद तकनीकी और प्लेनरी सत्र का आयोजन किया जाएगा।