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Faridabad News: पिस्तौल व एके 47 की 1753 गोली के साथ पकड़े गए चार दोषियों को 10-10 साल की कैद

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पुख्ता सबूतों व गवाहों के आधार पर जिला अदालत ने सुनाया फैसला
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गोलियों से मेटल अलग कर बेचते थे आरोपी
मुजेसर थाने में 28 फरवरी 2019 को दर्ज हुई थी एफआईआर

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। राइफल, एसएलआर, एके47, पिस्तौल की 1753 गोलियों व बम शैल के साथ पकड़े गए 4 कबाड़ियों को जिला अदालत ने 10-10 साल कैद की सजा सुनाई है। पुख्ता सबूतों व गवाहों के आधार पर आरोपियों रामकुमार, इरफान, दिनेश व सतीश को दोषी करार देते हुए अदालत ने सजा पर फैसला सुनाया है। सतीश पर 53100 रुपये और बाकी तीनों पर 58100 रुपये का जुर्माना भी अदालत ने लगाया है।

मुजेसर थाने में लापरवाही, एक्सप्लोसिव सब्सटांस एक्ट और आर्म्स एक्ट की धाराओं में ये एफआईआर 28 फरवरी 2019 को दर्ज हुई थी। अपराध शाखा सेक्टर-30 के एएसआई अशोक ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि उनकी टीम संजय कॉलोनी सोहना रोड पर मौजूद थी। टीम को सूचना मिली कि 3 लोग दिनेश, रामकुमार व इरफान कबाड़ के गोदाम में गोलियां व बम लेकर आते हैं और इन्हें तोड़कर मेटल अलग कर बेचते हैं। पुलिस टीम ने तुरंत कबाड़ गोदाम पर रेड की और यहां से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके नाम पर्वतीय कॉलोनी निवासी रामकुमार, ओल्ड फरीदाबाद निवासी इरफान और जीवन नगर गोच्छी निवासी दिनेश पता चले।
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इनके पास से पुलिस को एक बोरा मिला। इसे चेक करने पर अंदर से एके 47 की 28 गोलियां, इंसास राइफल की 190 गोलियां, एसएलआर की 80 गोलियां, 9 एमएम पिस्टल की 194 गोलियां, .38 बोर की 1161 गोलियां, एसपी स्पेशल की 72 गोलियां, .38 बोर रिवाल्वर की 28 गोलियां, 3 बड़े साइज की गोलियां, 1 डिफ्यूज बम का खाली शैल, 3 डिफ्यूज बम और 2 डिफ्यूज बम प्रोजैक्टाइल बरामद हुए।
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इनसे पूछताछ में पता चला कि दिल्ली के एक कबाड़ गोदाम में काम करने वाले सतीश के पास से ये खरीदकर लाए थे। सतीश गुजरात जामनगर का मूल निवासी था और यहां दिल्ली रोहिणी में रहता था। सतीश को 2 मार्च 2019 को पुलिस ने गिरफ्तार किया। चारों को पूछताछ के बाद जेल भेजकर इनके खिलाफ अदालत में चालान पेश किया गया। इसमें 11 गवाह बनाए गए। ट्रायल के दौरान सभी पक्षों को सुनने के बाद अब अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति लांबा की अदालत ने चारों को दोषी करार देते हुए सजा पर फैसला सुनाया है।
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