बैंक लॉकर से आभूषण चोरी मामले में चार लोग गिरफ्तार
- अपराध शाखा की टीम कर रही पूछताछ
- 2 फरवरी को सेंट्रल थाना में दर्ज हुई थी एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेक्टर-15 एसबीआई शाखा के बैंक लॉकर से लगभग एक किलो सोने व 2 किलो चांदी के आभूषण गायब करने के मामले में अपराध शाखा ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें बैंक की पूर्व मैनेजर प्रीति, अशोक सिंह, सर्विस मैनेजर भावना और वेंडर नीरज शर्मा शामिल है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि सोमवार को चारों को पूछताछ के लिए बुलाया गया। पूछताछ व जांच में पुख्ता सबूत मिलने के बाद चारों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
वहीं बीते सप्ताह इस मामले में वेंडर नीरज शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका भी जिला अदालत से खारिज हो चुकी है। इनकी एक फर्म है और मेसर्स गोदरेज सिक्योरिटी सॉल्यूशंस के अधिकृत सेवा प्रदाता हैं। याचिका में दलील दी गई कि 17 मार्च 2025 को इनकी फर्म को एसबीआई सेक्टर-15 शाखा से खाली लॉकर के लिए डुप्लीकेट चाबियां बनाने के संबंध में ऑर्डर मिला था। तत्कालीन ब्रांच मैनेजर प्रीति और बैंक के छह और ऑफिसर, आवेदक के साथ लॉकर रूम में मौजूद थे और सभी की मौजूदगी में सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग में लगभग 20 लॉकर खोले गए। इसके लिए इन्हें 50 हजार रुपये के बिल का भुगतान भी बैंक ने किया।
30 जनवरी 2026 को सामने आया था मामला, 2 फरवरी को दर्ज हुई थी एफआईआर
सेक्टर-15 स्थित एसबीआई शाखा में ये मामला 30 जनवरी को सामने आया। सेक्टर-15ए के रहने वाले डीसी गर्ग ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बैंक में लॉकर नंबर 1038 उनके व पत्नी मोनिका गर्ग के नाम पर 10-12 साल से चल रहा था। 30 जनवरी की दोपहर महिला मोनिका बैंक में लॉकर ऑपरेट करने गई तो लॉकर ऑपरेटर कर्मचारी महिला ने कहा कि आपके नाम पर यहां लॉकर नहीं है। आप जो लॉकर बता रही हो, वो तो विकास चौहान के नाम पर है। महिला मोनिका ने अपने लॉकर की चाबी दिखाई तो महिलाकर्मी ने साथ लेकर चाबी लगवाई लेकिन लॉकर नहीं खुला। मोनिका ने कॉल कर पति डी सी गर्ग को इस बारे में बताया। वे बैंक पहुंचे और मैनेजर पवन रावत से बात की तो पता चला कि बैंक कर्मियों की ओर से लॉकर का ताला तुड़वाकर इसे अन्य को दे दिया गया है। लॉकर के नए धारक विकास चौहान को बुलवाकर इसे खुलवाया गया तो अंदर रखा लगभग 1 किलो सोने व 2 किलो चांदी के आभूषण गायब मिले। मामले की सूचना पुलिस को दी गई तो पुलिस भी मौके पर पहुंची। एसबीआई के रीजनल मैनेजर अनिल दलाल को भी बुलवाया गया। मामले में सेंट्रल थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और अब अपराध शाखा टीम मामले में जांच कर रही है।