अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में साइबर ठगी के कई गैंग सक्रिय हैं। ऐसे ही एक गैंग का मुखिया इतना शातिर निकला है कि वह महिलाओं की आवाज निकालकर पुरुषों को अपने झांसे में लेता है और फिर पैसे मांगता है। यह खुलासा मेट्रो मोड़ रेड लाइट के पास से बुधवार को गिरफ्तार एक बाइक सवार ने किया है। वह मुखिया के इशारे पर रोजाना दो-तीन डेबिट कार्ड से पैसे निकालने के लिए फरीदाबाद आता था। बुधवार को ट्रैफिक पुलिस और सेक्टर-65 क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने जांच के दौरान उसे गिरफ्तार किया है। कोतवाली थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि बुधवार शाम को वह मेट्रो मोड़ पर चेकिंग पर थे। इस दौरान बीके चौक की तरफ से आ रही एक मोटरसाइकिल रोकी। मोटरसाइकिल पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी। पुलिस ने युवक से कागजात मांगे, लेकिन युवक मोटरसाइकिल छोड़कर भागने लगा। पुलिस ने पीछा करते हुए उसे पकड़ लिया। सख्ती से पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मुबारिक बताया और बताया कि वह बड़खल गांव में रहता है। लेकिन, पुलिस ने तकनीकी माध्यम से माेटरसाइकिल का नंबर पता किया तो वह दिल्ली की निकली, जो की चार जुलाई को चोरी हुई थी। तलाशी लेने पर उस युवक की जेब से एक लाख 15 हजार रुपये व तीन डेबिट कार्ड मिले, जिन पर अंग्रेजी में मिलेनिया व प्रमोद कुमार लिखा हुआ था। दूसरे कार्ड पर अंग्रेजी में प्लैटिनम व नितिन कुमार लिखा था। तीसरे पर सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक लिखा हुआ था। दो आधार कार्ड पर इरसाद व इंसाफ लिखा हुआ था।
आरोपी का नूंह से कनेक्शन मिला, पुलिस ने बारीकी से की शुरू की जांच
पुलिस अधिकारियों ने पकड़े गए आरोपी के कब्जे से एक चाकू बरामद किया। कड़ाई से पूछताछ की गई तो आरोपी ने अपना असली नाम इंसाफ बताया। उसने बताया कि वह आरोपी पुन्हाना (नूंह) निवासी, जिसका नाम वकील है, उसके पास तीन महीने से काम कर रहा था। वह उसे हर रोज दो-तीन डेबिट कार्ड के पासवर्ड बताकर देता है। उसका फोन आने पर वह डेबिट कार्ड से पैसे निकालता है। आरोपी ने बताया कि वह महिलाओं की आवाज निकालकर पुरुषों को ब्लैकमेल करता और फिर उनसे पैसे ऐंठता है। उन्हें ब्लैकमेल करके डेबिट कार्ड के जरिए पैसे निकलवाता है। इस काम के लिए उसने उसे रखा हुआ है। वह हर रोज करीब दो लाख रुपये एकत्रित करता है। सारा पैसा वकील को दे देता है। इसके बाद उसे प्रतिदिन दो हजार मिलते थे।