स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार रैंकिंग में सुधार की उम्मीद, 15 अप्रैल के बाद आएगी टीम
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। स्वच्छता के राष्ट्रीय पैमाने पर खुद को बेहतर साबित करने के लिए फरीदाबाद तैयारियों के अंतिम दौर में पहुंच गया है। 15 अप्रैल के बाद कभी भी केंद्रीय टीम शहर में पहुंचकर जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था का मूल्यांकन कर सकती है। इसे लेकर नगर निगम और जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है और इस बार रैंकिंग में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि पिछले वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार केवल कागजी औपचारिकताओं पर नहीं बल्कि जमीनी खामियों को दूर करने पर फोकस किया गया है। खासतौर पर उन क्षेत्रों में सुधार किया गया है जो पहले रैंकिंग गिरने की वजह बनते रहे हैं।
वेंडर रजिस्ट्रेशन से बढ़ेगी जवाबदेही
शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन को व्यवस्थित करने के लिए सभी वेंडर्स का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। इससे कचरा उठान की निगरानी मजबूत होगी और छूटे हुए इलाकों की समस्या कम होने की उम्मीद है।
कचरा अलग करने पर जोर
गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण को लेकर निगम ने अभियान तेज किया है। लोगों को जागरूक करने के साथ कचरा उठाने वाली गाड़ियों में अलग-अलग कंपार्टमेंट की व्यवस्था लागू की जा रही है, ताकि प्रोसेसिंग में आसानी हो और लैंडफिल पर बोझ कम पड़े।
शौचालयों की स्थिति सुधारने पर फोकस
ओडीएफ प्लस और प्लस-प्लस की स्थिति बनाए रखने के लिए सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों की मरम्मत और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पांच जोन में 35 शौचालय बनाए जाएंगे। इसमें से काफी बन चुके है।वहीं इनमें पानी और बिजली की व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी गई है ताकि उपयोग में कोई दिक्कत न आए।
5 अप्रैल तक दस्तावेज पूरे करने की डेडलाइन
सरकार से मिले निर्देशों के अनुसार सभी जरूरी दस्तावेज और सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया 5 अप्रैल तक पूरी करनी है। निगम अधिकारी पोर्टल पर डेटा अपलोड करने और जमीनी कार्यों का रिकॉर्ड अपडेट करने में जुटे हैं। नगर निगम के एक अधिकारी के अनुसार इस बार कचरा प्रबंधन और मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत किया गया है जिससे सर्वेक्षण में बेहतर अंक मिलने की संभावना बढ़ी है।
इस बार शहर को अच्छी रैंक दिलाने के लिए निगम की तरफ से कई स्तर पर तेजी से काम किया जा रहा है। - गौरव अंतिल, अतिरिक्त निगम आयुक्त