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Faridabad News: सरकारी अस्पतालों में डेंटल सुविधाओं के विस्तार के साथ दवाओं पर फोकस

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स्वास्थ्य विभाग जिला स्तर पर योजना पर काम शुरू करेगा, मरीजों को निजी खर्च से मिलेगी राहत
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर के सरकारी अस्पतालों में दांतों के इलाज के लिए अब मरीजों को निजी क्लीनिक के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। लंबे समय से सीमित संसाधनों के कारण कमजोर पड़ी डेंटल सेवाओं को मजबूत करने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने दवाओं और जांच सुविधाओं की कमी दूर करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस योजना के तहत अस्पतालों में दंत उपचार से लेकर सामान्य और गंभीर बीमारियों की दवाएं तक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाएंगी। अब स्वास्थ्य विभाग ने जिला स्तर पर इस योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा। यह योजना जिला स्तर पर लागू की गई है।

योजना में खास जोर डेंटल सुविधाओं के विस्तार पर है। इसके तहत रूट कैनाल, दांतों की फिलिंग, मसूड़ों के इलाज और जबड़े से जुड़ी सर्जरी के लिए जरूरी उपकरण और सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इससे मरीजों को या तो मुफ्त इलाज मिलेगा या बेहद कम खर्च में इलाज संभव हो सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने केवल दंत चिकित्सा तक ही योजना को सीमित नहीं रखा है। अस्पतालों में उच्च श्रेणी की एंटीबायोटिक, एंटी-इंफेक्टिव दवाएं और जीवन रक्षक इंजेक्शन भी स्टॉक में रखे जाएंगे। इससे संक्रमण, बुखार, टाइफाइड से लेकर आपातकालीन स्थितियों तक का इलाज समय पर हो सकेगा। डेंटल इलाज के बाद दी जाने वाली दवाएं भी अस्पताल परिसर में ही उपलब्ध होंगी जिससे मरीजों को बाहर से खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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निजी क्लीनिक का खर्च होगा कम

अब तक सरकारी अस्पतालों में सीमित डेंटल सुविधाओं के चलते मरीजों को महंगे निजी क्लीनिक का सहारा लेना पड़ता था, जहां एक सामान्य रूट कैनाल या फिलिंग पर हजारों रुपये खर्च हो जाते हैं। नई व्यवस्था से खासकर मध्यमवर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिलेगी, जिनके लिए दांतों का इलाज अक्सर टलता रहता था।

जांच सुविधाएं भी होंगी मजबूत

अस्पतालों में लैब के लिए जरूरी रिएजेंट्स की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है ताकि खून, पेशाब और अन्य सामान्य जांच अस्पताल में ही हो सकें। इससे मरीजों को निजी लैब पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और इलाज की प्रक्रिया तेज होगी।

अप्रैल अंत तक तैयारियां, मई से दिखेगा असर

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 28 अप्रैल से दवाओं और उपकरणों की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। अप्रैल के अंत तक अस्पतालों के स्टोर और डेंटल यूनिट पूरी तरह तैयार कर लिए जाएंगे और मई के पहले सप्ताह से इसका प्रभाव जमीन पर दिखने लगेगा।

गुणवत्ता पर सख्त निगरानी

योजना के तहत दवाओं और डेंटल सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त प्रावधान किए गए हैं। सरकारी लैब से प्रमाणित सामग्री ही उपयोग में लाई जाएगी। सभी दवाओं पर सरकारी उपयोग हेतु बिक्री के लिए नहीं का स्पष्ट उल्लेख होगा और इंजेक्शन व तरल दवाओं के लिए कोल्ड चेन सिस्टम भी लागू किया गया है।
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खर्च घटेगा, भरोसा बढ़ेगा

इस पहल से मरीजों का इलाज पर होने वाला खर्च कम होने के साथ-साथ सरकारी अस्पतालों पर भरोसा भी बढ़ेगा। खासकर दांतों के इलाज जैसी सेवाएं जो अब तक आम लोगों के लिए महंगी और टालने योग्य मानी जाती थीं अब आसानी से सुलभ हो सकेंगी।



लोगों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार काम कर रहा है। लोगों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी। - डॉ. जयंत अहूजा, सीएमओ
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