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Faridabad News: जालसाजों ने पांच लोगों से लाखों रुपये ठगे

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अलग-अलग बहाने से दिया गया वारदात को अंजाम
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी में साइबर अपराधियों का आतंक थमता नजर नहीं आ रहा है। शातिर ठगों ने अलग-अलग इलाकों में पांच लोगों को अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपये की चपत लगा दी। पुलिस ने सभी मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहला मामला आईपी कॉलोनी सेक्टर-30 का है, जहां एक निजी कंपनी के कर्मचारी को बैंक प्रतिनिधि बनकर फोन किया गया। ठगों ने कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देकर पीड़ित से ओटीपी हासिल किया और उनके ही खाते से लोन करवाकर प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 31,431 रुपये ठग लिए।

वहीं, नेहरू ग्राउंड निवासी अमित को गैस का बिल बकाया होने और कनेक्शन काटने का डर दिखाकर एक फर्जी एप लिंक भेजा गया। स्क्रीन शेयरिंग के जरिए ठगों ने उनके डेबिट कार्ड की जानकारी चुराई और खाते से 24 हजार रुपये उड़ा दिए। ठगी का तीसरा मामला पर्वतीय कॉलोनी का है, जहां संदीप सिंह के दोस्त की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर वीजा रिन्यूअल के नाम पर 38 हजार रुपये ऐंठ लिए गए। इसी तरह, बल्लभगढ़ के सीही गांव निवासी बुजुर्ग बलवंत सिंह के पास एक अज्ञात नंबर से एपीके फाइल आई। जैसे ही उन्होंने उसे डाउनलोड किया, उनके बैंक खाते से 78 हजार रुपये कट गए। पुलिस के अनुसार, ऐसी फाइलें फोन का रिमोट एक्सेस ठगों को दे देती हैं।
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एक अन्य मामले में महावीर कॉलोनी के निवासी गुड्डू कुमार को बैंक कर्मचारी बनकर फोन किया गया। ठगों ने डराया कि उनके क्रेडिट कार्ड पर महंगा हेल्थ इंश्योरेंस प्लान एक्टिव है। इसे बंद करने की प्रक्रिया के नाम पर उनसे 22 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। साइबर थाना पुलिस ने मामले दर्ज कर बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस प्रवक्ता ने नागरिकों को आगाह किया है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग एप और पीएके फाइल डाउनलोड न करें। बैंक कभी भी फोन पर ओटीपी या निजी जानकारी नहीं मांगता। यदि आप ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें।
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