फरीदाबाद। शहर में कुछ वर्षों में फिटनेस के प्रति युवाओं की संख्या जिस तरह से बढ़ रही है, उससे जाहिर होता है कि युवा स्वास्थ्य के प्रति कितना सचेत है। स्वास्थ्य के साथ-साथ फिटनेस और योग रोजगार के नजरिए से भी युवाओं के लिए बेहतर विकल्प के तौर पर सामने आया है।
अब तक करीब एक लाख युवा आयुष विभाग से जुड़कर शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत हो रहे हैं, साथ ही प्रशिक्षण लेकर खुद को तैयार कर रहे हैं। फिटनेस आज के युवाओं का जहां स्वास्थ्य ठीक कर रहा है, वहीं आत्मविश्वास बढ़ाने में मुख्य भूमिका भी निभा रहा है। शरीर को फिट रखने के लिए युवा डांस, जुम्बा, एरोबिक्स, योग और क्रॉसफिट की ट्रेनिंग ले रहे हैं।
-
इन कारणों से बढ़ी रुचि
आयुष विभाग में योग प्रशिक्षक विकास और लंबे समय से फिटनेस के क्षेत्र में काम कर रहे नीरज कहते हैं, लगातार बढ़ रहे फास्ट-फूड के चलन ने लोगों को अंदर से कमजोर किया है और फरीदाबाद का प्रदूषण भी युवाओं को फिट रखने के प्रति सचेत कर रहा है। कोरोना के बाद से युवाओं में जिस तरह से हार्ट अटैक के मामले सामने आए हैं, उससे सचेत होकर युवा योग और फिटनेस के क्षेत्र से भी जुड़ रहे हैं। पिछले साल फरीदाबाद में 23 वर्षीय संजय हार्ट अटैक की वजह से मेडिकल स्टोर में दवाई लेते समय अचानक गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई थी। इसके अलावा ग्लैमरस और मॉडलिंग की दुनिया में सबसे पहले स्वस्थ शरीर को ही तवज्जो दिया जाता है।
-
रोजगार की संभावनाएं बढ़ी
स्कूल, विश्वविद्यालय और मल्टीनेशनल कंपनी में फिटनेस व योग रोजगार के क्षेत्र में जाॅब की संभावनाएं बढ़ी हैं। फिटनेस में रूचि रखने वाले युवा फिटनेस में स्नातक या डिप्लोमा कर इस क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं। जेसी बोस विश्वविद्यालय और मानव रचना एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के अलावा कई संस्थाएं हैं जहां से युवा फिटनेस और योग की पढ़ाई कर सकते हैं।
-
कोरोना के बाद से युवा स्वास्थ्य के प्रति काफी सचेत हुए हैं। रोजाना योग से प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर करने में मदद मिलती है। योग करके बढ़ रही बीमारियों से खुद को बचाया जा सकता है। - विकास यादव, योग प्रशिक्षक
-
व्यस्तता की वजह से युवा फास्ट फूड पर निर्भर हो गए हैं, जिससे स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। युवाओं में हार्ट अटैक के बढ़ने मामले को देखते हुए उनमें फिटनेस की रुचि जगी है। इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। - नीरज, फिटनेस क्षेत्र में कार्यरत