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बाजार से गायब हुई डिप्रेशन की दवाएं

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फरीदाबाद। कोरोना संक्रमण काल में एक ओर जहां मनोरोग की आशंका बढ़ रही है, वहीं दवाएं मार्केट से गायब हो रही हैं। कुछ चुनिंदा मेडिकल स्टोर पर ही डिप्रेशन की दवाएं उपलब्ध हैं। इनकी उपलब्धता के लिए जरूरी है कि आप मनोरोग चिकित्सक के क्लीनिक या फिर अस्पताल के नजदीक स्थित मेडिकल स्टोर से यह दवाएं लें। अन्य कई मरीज इन दवाओं की उपलब्धता में परेशानी महसूस कर रहे हैं। कई को मेडिकल स्टोर संचालक दवाएं रखने की अनुमति न होने की बात कह रहे हैं। एनआईटी-1 स्थित हरियाणा मेडिकल स्टोर संचालक ने बताया कि डिप्रेशन की दवाओं का स्टॉक उपलब्ध नहीं है। निश्चित दवा स्टोर पर ही यह दवा ड्रग कंट्रोलर की अनुशंसा पर ही उपलब्ध होती हैं। इसी तरह एनआईटी-5 स्थित भविष्य मेडिकल स्टोर संचालक ने बताया कि डिप्रेशन की दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। दवाएं केवल अधिकृत मनोरोग विशेषज्ञ के परामर्श पर्चे पर क्लीनिक के अपने मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध हो सकेंगी।
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परामर्श की फॉटो कॉपी का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य
डिप्रेशन की दवाएं आमतौर पर उपलब्ध नहीं होती। किसी भी व्यक्ति को बिना डॉक्टरी परामर्श के यह दवाएं नहीं लेनी चाहिए। किसी भी मेडिकल स्टोर संचालक को दवाएं देने से पहले मरीज का रिकॉर्ड रखना होता है। इसके बाद ही दवाएं दी जाती हैं। इस कारण कई मेडिकल स्टोर संचालक दवाओं को देने से इंकार भी कर देते हैं। हालांकि रजिस्टर्ड मनोरोग विशेषज्ञ के आस-पास के क्षेत्र में ही मेडिकल स्टोर दवाएं रखते हैं। - डॉ. धर्मबीर नेहरा, जिला सिविल अस्पताल मनोरोग चिकित्सक
पहले से ही नियंत्रित हैं डिप्रेशन की दवाएं
संक्रमण के कारण कुछ दवाओं पर नियंत्रण है, जो डॉक्टर परामर्श पर ही उपलब्ध है। हालांकि यह दवाएं मलेरिया एवं गठिया की दवा एचसीक्यू जैसी हैं, जो डॉक्टर परामर्श पर उपलब्ध है। डिप्रेशन की दवाएं पहले से नियंत्रित की जा चुकी हैं। डिप्रेशन की दवाएं डॉक्टरी परामर्श के बिना हासिल नहीं की जा सकती। - करण गोदारा, ड्रग कंट्रोलर ऑफिसर
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