- शहर का लाला लाजपत राय पार्क का हाल बेहाल, गंदगी और अतिक्रमण ने छीनी पार्क की रौनक
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। मोती कॉलोनी में स्थित लाला लाजपत राय पार्क को आधुनिक स्वरूप देने के उद्देश्य से साल 2020 में मॉड्यूलर चिल्ड्रन प्ले कॉर्नर के रूप में विकसित किया गया था। इसे शहर के बच्चों के लिए एक आदर्श और आकर्षण का केंद्र बताया गया। अमृत योजना के तहत पार्क में ओपन जिम, बच्चों के लिए आधुनिक झूले और मनोरंजन की कई सुविधाएं विकसित की गईं। लेकिन मात्र पांच साल के भीतर ही यह पार्क अपनी दुर्दशा और अव्यवस्था के कारण चर्चा का विषय बन गया है।
पार्क गंदगी और अव्यवस्था का अड्डा–
पार्क के चारों ओर गंदगी का आलम है। जगह-जगह पॉलीथिन और कूड़े के ढेर नजर आते हैं। यहां तक कि बच्चों के खेलने के झूले और उपकरण के पास भी गंदगी पड़ी हुई है। पार्क में बने शौचालय का दरवाजा गायब है। शौचालय इतनी गंदी हालत में है कि लोग चाहकर भी इसका इस्तेमाल नहीं कर सकते है। पार्क में सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह ठप हो चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई महीनों से पार्क में सफाई नहीं हुई है। पार्क के अंदर लोगों की सुविधा के लिए पेशाब घर बनाया गया था। इसकी भी गलत जर्जर हो चुकी है। पेशाब घर से उठती बदबू के कारण लोग पार्क में आने से परहेज करने लगे है।
मुख्य गेट पर अतिक्रमण : पार्क का मुख्य द्वार जो पहले आकर्षण का केंद्र हुआ करता था, अब अतिक्रमण का शिकार हो चुका है। दुकानदारों ने गेट के सामने अपना सामान रख लिया है। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है और पार्क की सुंदरता भी बिगड़ चुकी है। वहीं, मुख्य दरवाजे के सामने बनी नाली का स्लैब गायब है। खुली नाली हादसे को न्योता दे रही है।
बच्चों और अभिभावकों में नाराजगी : पार्क की बदहाली से सबसे ज्यादा निराशा बच्चों और उनके अभिभावकों को हो रही है। जिन सुविधाओं के लिए यह पार्क बनाया गया था, वे अब नाम मात्र रह गई हैं। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि नगर परिषद को इस ओर ध्यान देना चाहिए ताकि बच्चे सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में खेलकूद कर सकें।
रखरखाव की कमी से बर्बाद हुई योजना: अमृत योजना का उद्देश्य शहरों में बेहतर बुनियादी ढांचा और नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना था। लेकिन शहर में इस योजना के तहत बने लाला लाजपत राय पार्क की हालत इस योजना की सच्चाई बयां कर रही है। रखरखाव पर ध्यान नहीं देने के कारण करोड़ों रुपये की लागत से बना प्रोजेक्ट बेकार हो गया है।