नूंह। रोजका मेव आईएमटी क्षेत्र में मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे नौ गांवों के किसानों ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। चार एकड़ जमीन पर काम शुरू कराने पहुंची तांबे की कंपनी के कर्मचारियों को किसानों ने मौके से भगा दिया। किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया, जिसने हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन हजारों की संख्या में पहुंचे महिला व पुरुष किसान पीछे नहीं हटे और काम रुकवा दिया।
बता दें कि करीब 1600 एकड़ भूमि अधिग्रहण के बाद से किसान अपने बकाया मुआवजे की मांग कर रहे हैं। पिछले दो वर्षों से लगातार धरना-प्रदर्शन जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। इससे पहले मंगलवार को किसान जींद पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न किसान संगठनों से मुलाकात कर समर्थन मांगा। संगठनों ने आंदोलन को मजबूती देने और धीरदुका में चल रहे धरने में शामिल होने का आश्वासन दिया। बुधवार के प्रदर्शन का नेतृत्व जाहिद सरपंच महरोला, खुर्शीद रोजका मेव, हाफिज सिराजूदीन खेड़ी, मुबारिक महरोला, रज्जाक बसई, तय्यब और उस्मान धीरदुका सहित अन्य किसान नेताओं ने किया। आंदोलन अब और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। संवाद