खराब हुई फसलों का अभी तक नहीं मिला मुआवजा, करना पड़ा रहा आर्थिक संकट का सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय के बाहर किसानों और इनेलो कार्यकर्ताओं ने एकत्र होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसानों ने डीएपी की किल्लत, बढ़े दाम, फसलों की खरीद में लापरवाही और मुआवजे की देरी को लेकर प्रशासन को घेरा।
किसान वेदराम का कहना है कि पिछले कई दिनों से उन्हें डीएपी नहीं मिल रही है। जहां पहले एक बोरी 1300 से 1350 रुपये में मिल जाती थी, वहीं अब 2300 से 2350 रुपये तक बिक रही है। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक लापरवाही और अधिकारियों की मिलीभगत के कारण ब्लैक मार्केटिंग चरम पर है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
किसान नाहर सिंह ने बताया कि धान की खरीद सही ढंग से नहीं हो रही और बारिश से खराब हुई फसलों का मुआवजा भी अब तक उनके खातों में नहीं पहुंचा है। किसान हरीशचंद्र ने कहा कि सरकार ने मुआवजे की घोषणा तो की थी, लेकिन आज तक किसी किसान को राहत नहीं मिली। इससे किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से गुहार लगाई कि उन्हें इतना सहयोग दिया जाए कि वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें। भावुक होते हुए किसानों ने कहा कि अगर फसल की खरीद नहीं होगी, मुआवजा नहीं मिलेगा और खाद इतनी महंगी रहेगी तो उनका गुजारा मुश्किल हो जाएगा।
प्रदर्शन में किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार जमीन अधिग्रहण के नाम पर उन्हें उचित मुआवजा नहीं दे रही है। कई इलाकों में किसानों की जमीन कम दरों पर अधिग्रहित की जा रही है। किसानों का कहना है कि सरकार एक एकड़ के बदले हजार गज जमीन देने की बात करती है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि वह जमीन कब मिलेगी।
किसानों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही डीएपी की समस्या का समाधान नहीं किया गया, धान की खरीद पूरी नहीं की गई और फसलों का मुआवजा नहीं दिया गया, तो वे जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। किसानों ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों की नहीं, व्यापारियों की सरकार बन चुकी है और अब किसान अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।