बल्लभगढ़ की अनाज मंडीं में गेंहू उठान को लेकर हालात बदतर बने हुए है। गेंहू उठाने का ठेका लेने वाली एजेंसी की मनमानी के चलते आढ़तियों को लिफ्टिंग के नाम पर चूना लग रहा है।
आढ़तियों को गेंहू के कट्टे उठवाने के लिए प्रति कट्टा तीन से पांच रुपय नजराना देने के लिए विवश होना पड़ रहा है। स्थानीय विधायक मूलचंद शर्मा के अनाज मंडी दौरे के दौरान अधिकारियों को इस संबंध में दिए गए निर्देश भी बौने साबित हो रहे है। अनाज मंडी में लिफ्टिंग न होने के चलते गेंहू के कट्टों का अंबार लगे हुए है। वहीं, दूसरी ओर मौसम खराब होने की आशंका के चलते आढ़ती वर्ग परेशान है कि कहीं कट्टों में पड़ा गेंहू एकबार फिर मौसम की भेंट न चढ़ जाए।
दरसअल, खरीद एजेंसियों ने गेहूं उठाने के लिए ठेका एक ट्रांसपोर्टर को दिया हुआ है। ट्रक कम होने के कारण ठेकेदार गेहूं का उठान नहीं कर पा रहा है। इसलिए ट्रक चालक अपनी मर्जी से काम कर रहे हैं। सीजन की शुरुआत में दो रुपए कट्टा बतौर नजराना लेना शुरू किया गया, लेकिन अब प्रति कट्टा तीन से पांच रुपए लेने शुरू कर दिए हैं।
ठेकेदारों की बदमाशी से तंग आकर व्यापारी एसोसिएशन ने ट्रांसपोटरों का विरोध भी किया। प्रधान सुनील भारद्वाज ने कहा कि उठान के लिए कोई रिश्वत नहीं देगा। गेहूं का उठान करना खरीद एजेंसियों की जिम्मेदारी है, लेकिन खरीद एजेंसी अपने जिम्मेदारी से भाग रही हैं। मंडी में 80 हजार कट्टे पड़े हैं। व्यापारी एसोसिएशन रिश्वत बंद कराने की मांग को लेकर सीएम को पत्र लिखा है।
शिकायत आएगी तो कार्रवाई होगी
मंडियों के आढ़ती रिश्वत लेने की बात कह रहे हैं, लेकिन कोई भी आढ़ती लिखित में शिकायत नहीं दे रहा है। आढ़ती रिश्वत लेने वाले ट्रक चालक या ठेकेदार की लिखित में शिकायत दें, तुरंत कार्रवाई की जाएगी।-जयभगवान, सिटी थाना प्रभारी बल्लभगढ़।
बरसात हुई तो होगा नुकसान
मंडी में 80 हजार कट्टे खुले में पड़े हैं। बरसात होती है तो लाखों का नुकसान हो सकता है। आढ़तियों का कहना है कि खरीद बंद हुए एक सप्ताह से ज्यादा हो गया है। लेकिन अभी तक गेंहू का उठान व लदान नहीं हो पाया है। खराब मौसम के कारण डां लगा रहता है। बरसात हुई तो नुकसान उठाना पड़ेगा।