फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आईएमटी में मुआवजे न मिलने से नाराज किसानों ने कराया सामूहिक मुंडम

विज्ञापन
मुंडन क‌िसानों का - फोटो : योगेश, फरीदाबाद
विज्ञापन
बल्लभगढ़ मुआवजे की मांग को लेकर पिछले एक सप्ताह से आईएमटी में धरने पर बैठे किसानों को प्रशासन से अब तक कोई राहत नहीं मिली है। शुक्रवार को युवा आगाज संगठन के कार्यकर्ताओं ने किसानों को अपना समर्थन देते हुए सामूहिक मुंडन करा सरकार की बेरुखी का विरोध किया।
विज्ञापन


वहीं, किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर रविवार तक किसानों की मांग पर ध्यान नहीं दिया गया तो रविवार को आईएमटी की जमीन पर किसान ट्रैक्टर चलाकर जुताई और बिजाई करके कब्जा लेंगे।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी किसानों को बढ़ा मुआवजा नहीं मिला है। इससे नाराज किसान 21 अप्रैल से शिलान्यास स्थल के पास धरने पर बैठे हैं। किसानों ने पहले आईएमटी में स्थित एचएसआईआईडीसी के कार्यालयों पर ताला जड़ा था। इसके बाद आईएमटी की औद्योगिक इकाइयों पर तालाबंदी की कोशिश की थी। किसानों का आरोप है कि सप्ताहभर बीतने के बाद भी प्रशासन ने सुध नहीं ली है।
विज्ञापन


आज तक कोई अधिकारी किसानों की बात सुनने नहीं पहुंचा। शुक्रवार को युवा आगाज संगठन के कार्यकर्ताओं ने किसानों का समर्थन करते हुए सामूहिक मुंडन कराया। संगठन से जुड़े राजेश तेवतिया, अनुज भाटी, सूरजमल, धर्मवीर सहित कई युवाओं ने मुंडन करा सरकार के प्रति रोष व्यक्त किया। धरने पर बैठे किसानों के साथ अनशन कर रहे दो युवाओं का स्वास्थ्य बिगडने पर शुक्रवार को डॉक्टरों की टीम धरना स्थल पर पहुंची और दोनों का ब्लड सैंपल लिया गया।

किसान संघर्ष समिति आईएमटी के अध्यक्ष रामनिवास नागर ने बताया कि रविवार को किसान अपनी जमीन पर कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। जिला उपायुक्त, पुलिस कमिश्नर और एसडीएम को ज्ञापन सौंप इसकी जानकारी दे दी गई है। शुक्रवार को पृथला से बसपा विधायक टेकचंद शर्मा किसानों से मिलने पहुंचे और किसानों से प्रशासनिक अधिकारियों की बातचीत कराने का आश्वासन दिया। इस मौके पर विरेंद्र डंगवाल, राजबल देशवाल, बाबा रामकेवल सहित कई लोग मौजूद रहे।

एसकेएस ने भी दिया समर्थन
धरने पर बैठे किसानों को समर्थन देनें सर्व कर्मचारी संघ का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा। संघ के महासचिव सुभाष लांबा ने किसानों की मांग को जायज ठहराते हुए आंदोलन में साथ देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार हमेशा से कर्मचारी और किसान विरोधी रही है। सरकार बिना विलंब किए किसानों की मांगों को पूरा करे।

क्या है मामला
पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने किसानों के हक में फैसला देते हुए मुआवजा बढ़ाने के लिए सरकार को आदेश दिया था। लेकिन कोर्ट के आदेशों के बाद भी सरकार ने किसानों को बढ़ा हुआ मुआवजा नहीं दिया। वहीं किसानों ने आरोप लगाया है कि एचएसआईडीसी पर उनका 1100 करोड़ रुपये बकाया है। लेकिन वह देने में आनाकानी कर रहे है। इसी के विरोध में किसान धरने पर बैठे है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें