38 करोड़ से अपग्रेड होंगे 1200 सीसीटीवी कैमरे, ट्रैफिक प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा, अपराध नियंत्रण को मजबूती मिलेगी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिला अब तकनीक के स्तर पर भी वास्तविक स्मार्ट सिटी बनने की दिशा में बढ़ रहा है। शहर में लगे करीब 1200 सीसीटीवी कैमरों और ट्रैफिक निगरानी सिस्टम को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीक से अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए करीब 38 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की गई है। योजना के तहत न केवल खराब पड़े कैमरों को दोबारा चालू किया जाएगा बल्कि उन्हें फेस रिकग्निशन, ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) जैसी आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।
फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा तैयार इस योजना पर अगले महीने से काम शुरू होने की संभावना है। अधिकारियों का दावा है कि इसके लागू होने के बाद शहर में ट्रैफिक प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा, अपराध नियंत्रण को मजबूती मिलेगी और कंट्रोल रूम से एक क्लिक पर पूरे शहर की निगरानी संभव हो सकेगी। इसके साथ ही एफएमडीए द्वारा 1050 नए कैमरे लगाने की तैयारी भी अंतिम चरण में है, जिससे शहर का निगरानी नेटवर्क और व्यापक होगा।
तकनीकी खामियों से कमजोर पड़ा सिस्टम
स्मार्ट सिटी परियोजना के पहले चरण में शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों, मुख्य सड़कों और रिहायशी इलाकों में करीब 1200 कैमरे लगाए गए थे। शुरुआती वर्षों में इन कैमरों की मदद से ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर नजर रखने और कई आपराधिक मामलों के खुलासे में पुलिस को मदद मिली थी। लेकिन बीते कुछ वर्षों में सर्वर फेलियर, नेटवर्क बाधाओं और नियमित रखरखाव की कमी के कारण बड़ी संख्या में कैमरे बंद हो गए। कई ट्रैफिक सिग्नल भी तकनीकी खराबी के चलते प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रहे हैं।
यह मुद्दा रोड सेफ्टी बैठकों में कई बार उठ चुका है। पुलिस अधिकारियों ने भी बार-बार खराब कैमरों और ट्रैफिक लाइटों को दुरुस्त कराने की मांग रखी थी। खासकर एनएच-19, बाटा चौक, नीलम चौक, बीके चौक, प्याली चौक और ग्रेटर फरीदाबाद के कई व्यस्त इलाकों में निगरानी तंत्र कमजोर पड़ने से ट्रैफिक प्रबंधन प्रभावित हो रहा है।
एआई आधारित कैमरे खुद पहचानेंगे संदिग्ध गतिविधियां
नई योजना के तहत लगाए जाने वाले एआई आधारित कैमरे केवल रिकॉर्डिंग तक सीमित नहीं रहेंगे। ये कैमरे संदिग्ध गतिविधियों को पहचानकर रियल टाइम अलर्ट जारी करेंगे। फेस रिकग्निशन तकनीक की मदद से वांछित अपराधियों और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान आसान होगी। इसके अलावा एएनपीआर तकनीक के जरिये वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन कर रेड लाइट जंप, ओवर स्पीडिंग और गलत दिशा में वाहन चलाने जैसे मामलों में स्वत: चालान जारी किया जा सकेगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे ट्रैफिक पुलिस पर निर्भरता कम होगी और नियमों के पालन में सुधार आएगा। शहर में बढ़ती वाहन संख्या के बीच यह सिस्टम ट्रैफिक अनुशासन लागू करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
ट्रैफिक का दबाव देखकर खुद बदलेंगे सिग्नल
योजना का दूसरा बड़ा हिस्सा इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम है। इसके तहत प्रमुख चौराहों पर लगे ट्रैफिक सिग्नलों को स्मार्ट सेंसर और एआई सिस्टम से जोड़ा जाएगा। यह तकनीक ट्रैफिक के दबाव का स्वत: आकलन कर सिग्नल की टाइमिंग तय करेगी। मौजूदा समय में कई चौराहों पर तय समय के हिसाब से सिग्नल चलते हैं, जिससे एक ओर लंबा जाम लग जाता है जबकि दूसरी ओर सड़क खाली रहती है। नया सिस्टम वाहनों की संख्या के आधार पर ग्रीन सिग्नल का समय बढ़ा या घटा सकेगा। इससे जाम की स्थिति में कमी आने और यात्रा समय घटने की उम्मीद है।
आईसीसीसी से होगी पूरे शहर की लाइव मॉनिटरिंग
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) को भी इस योजना के तहत और मजबूत बनाया जाएगा। यहां से पूरे शहर के कैमरों, ट्रैफिक सिग्नलों और स्मार्ट सेवाओं की निगरानी की जाएगी। डेटा एनालिटिक्स और मशीन लर्निंग तकनीक की मदद से अपराध के हॉटस्पॉट चिन्हित किए जाएंगे, जिससे पुलिस को समय रहते कार्रवाई करने में सहायता मिलेगी। साथ ही लंबे समय से बंद पड़े कैमरों को हाई-स्पीड फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। नियमित सॉफ्टवेयर अपडेट, बैकअप और ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस पर विशेष ध्यान देने की भी तैयारी है ताकि पहले जैसी तकनीकी दिक्कतें दोबारा न आएं।
ग्रेटर फरीदाबाद और नई कॉलोनियों पर रहेगा विशेष फोकस
एफएमडीए द्वारा लगाए जाने वाले 1050 नए कैमरों में ग्रेटर फरीदाबाद, विकसित हो रही सेक्टर कॉलोनियों और नई कनेक्टिंग सड़कों को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। इन इलाकों में आबादी और ट्रैफिक तेजी से बढ़ा है लेकिन निगरानी तंत्र अपेक्षाकृत कमजोर है। ऐसे में नए कैमरे सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में खराब पड़े कैमरों की मरम्मत और नेटवर्क बहाली होगी, जबकि दूसरे चरण में एआई और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम लागू किए जाएंगे। स्मार्ट सिटी परियोजना के बाद इसका संचालन और रखरखाव एफएमडीए को सौंपा जाएगा। - संजय जून, सीईओ, फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड