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Faridabad News: 600 करोड़ से दो चरणों में बदलेगा फरीदाबाद का ड्रेनेज सिस्टम

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हर घंटे 5 एमएम बारिश में भी नहीं डूबेंगी सड़कें, 2031 की आबादी व स्थिति को देखते हुए तैयार किया गया मास्टर प्लान
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एफएमडीए अब नगर निगम व एचएसवीपी के साथ करेगा प्लान की समीक्षा

मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। मानसून में मुख्य सड़कों पर जलभराव से जूझते फरीदाबाद के लिए राहत की खबर है। शहर को इस स्तर तक तैयार करने की योजना बनाई गई है कि प्रति घंटे 5 मिलीमीटर तक बारिश होने पर भी मुख्य मार्गों पर पानी जमा न हो। इसके लिए तैयार बरसाती मास्टर प्लान का खाका विशेषज्ञ कंपनी ने प्राधिकरण को सौंप दिया है और जल्द ही जमीनी काम शुरू कर दिया जाएगा। योजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण इसी बरसात से पहले हो जाएगा। वहीं तीन साल के अंदर दोनों चरणों को पूरा कर लिया जाएगा।
यह योजना फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) की अगुवाई में नगर निगम, एचएसवीपी और अन्य विभागों के समन्वय से तैयार की गई है। अनुमानित 600 करोड़ रुपये की लागत से यह काम दो चरणों में पूरा किया जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि योजना लागू होने के बाद मुख्य सड़कों पर जलभराव की समस्या 70 से 80 प्रतिशत तक कम हो सकती है।
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2.5 एमएम से 5 एमएम प्रति घंटा की क्षमता

अब तक शहर का ड्रेनेज सिस्टम औसतन 2 से 2.5 एमएम प्रति घंटे की वर्षा क्षमता के आधार पर काम करता रहा है। पिछले कुछ वर्षों में कई बार ऐसी स्थिति बनी जब एक-दो घंटे की तेज बारिश में 10 से 20 एमएम तक पानी गिर गया और सड़कें झील में बदल गईं। खासकर एनआईटी, ओल्ड फरीदाबाद, सेक्टर-21, सेक्टर-22, बाईपास रोड और प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में यातायात ठप होने की घटनाएं सामने आईं। नई योजना के तहत सिस्टम को अपग्रेड कर 5 एमएम प्रति घंटे की निरंतर बारिश को संभालने योग्य बनाया जाएगा। विशेषज्ञों ने शहर की मुख्य सड़कों, नालों, आउटफॉल पॉइंट और पंपिंग स्टेशनों का तकनीकी अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है।

मानसून से पहले पूरा होगा प्रथम चरण

पहले चरण में मौजूदा नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने पर जोर रहेगा। इसमें अधिक क्षमता वाली डी-वॉटरिंग मशीनों की तैनाती की जाएगी व जाम नालों और पाइप लाइनों की आधुनिक उपकरणों से सफाई की जाएगी। टूटी और धंसी लाइनों की मरम्मत होगी। इन सभी के साथ खुले नालों की डी-सिल्टिंग और चौड़ीकरण किया जाएगा। यह चरण मानसून से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि इसी साल लोगों को आंशिक राहत मिल सके। अधिकारियों के अनुसार प्राथमिक फोकस उन 25 से 30 हॉटस्पॉट पर रहेगा जहां हर वर्ष पानी भरता है।

दूसरे चरण में नई पाइपलाइन और पंपिंग सिस्टम

पहले मानसून के अनुभव के आधार पर दूसरे चरण की रणनीति तय की जाएगी। जहां जलभराव शेष रहेगा वहां अधिक एमएम की नई पाइपलाइन डाली जाएंगी और अतिरिक्त पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। मशीनों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी ताकि आपात स्थिति में तुरंत पानी निकाला जा सके। दूसरा चरण तीन साल की समयावधि में पूरा किया जाएगा। इस दौरान शहर के प्रमुख मार्गों को स्थायी रूप से फ्लड-रेजिस्टेंट बनाने का लक्ष्य है।

विभागों में समन्वय से मिलेगा परिणाम

इस बार योजना केवल कागजी नहीं रहे इसके लिए बहु-विभागीय समन्वय पर जोर दिया गया है। एफएमडीए के साथ नगर निगम, एचएसवीपी और प्रशासनिक विभाग मिलकर क्रियान्वयन करेंगे। विशेषज्ञ कंपनी की टीम ने बृहस्पतिवार को पूरा खाका सौंप दिया है। अब विभागीय मंजूरी और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी होते ही टेंडर और कार्य आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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विशेषज्ञों की टीम की तरफ से एफएमडीए को योजना का खाका सौंप दिया गया है। अन्य विभागों के साथ मिलकर इसकी समीक्षा करने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। - विशाल बंसल, चीफ इंजीनियर, एफएमडीए
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