फरीदाबाद। सूरजकुंड मेला लोकल फॉर वोकल से आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त रूप से प्रस्तुत कर रहा है। देशभर से आए शिल्पकार अपने हस्तनिर्मित उत्पादों के माध्यम से भारतीय कला, परंपरा और स्वदेशी हुनर को नई पहचान दे रहे हैं। मेले में विशेष रूप से घरों में टेबल सजावट और भोजन परोसने के लिए विभिन्न प्रकार के आकर्षित करने वाले क्रॉकरी आइटम्स पर्यटकों को पसंद आ रहे हैं। सूरजकुंड शिल्प महोत्सव में अनेक स्टॉल पर क्रॉकरी सामान में मिट्टी, सिरेमिक, टेराकोटा, पीतल और लकड़ी से निर्मित प्लेट, कटोरी, कप, सर्विंग बाउल, ट्रे और डिनर सेट उपलब्ध हैं। ये उत्पाद पारंपरिक डिजाइनों और आधुनिक उपयोगिता का अनूठा संगम प्रदर्शित कर रहे हैं। हस्तनिर्मित क्रॉकरी वस्तुएं पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ सौंदर्यपूर्ण भी हैं, जो घरेलू उपयोग के साथ उपहार के रूप में भी काफी अच्छा विकल्प साबित होते हैं। क्रॉकरी आइटम्स की विविधता और गुणवत्ता लोगों को खूब पसंद आ रही है। सजावटी और उपयोगी दोनों दृष्टि से ये उत्पाद आधुनिक जीवनशैली के अनुरूप हैं। सूरजकुंड मेला में स्वदेशी क्रॉकरी देश के शिल्पकारों की आत्मनिर्भरता को और मजबूत कर रही है। संवाद