ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज सांकेतिक तस्वीर
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ईएसआईसी मुख्यालय में अधिकारियों की बैठक बुलाई
कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान निजी अस्पताल ईएसआई के मरीजों का इलाज से इनकार नहीं कर सकते हैं। ऐसा करने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की ओर से आदेश जारी कर हिदायतें दी गई है।
कोरोना वायरस और लॉकडाउन के बाद से कई निजी अस्पतालों ने अपनी सेवाएं देनी बंद कर दी हैं। इससे कैंसर और टीबी जैसी गंभीर रूप से बीमार अन्य मरीजों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इन सभी समस्याओं पर पिछले दिनों ईएसआईसी मुख्यालय में अधिकारियों की बैठक बुलाई गई। बैठक में केंद्र की गाइडलाइन पर चर्चा की गई।
अधिकारियों ने कहा कि कई निजी अस्पताल मरीजों को डायलिसिस, कीमोथैरेपी और ब्लड ट्रांसफ्यूजन जैसी जरूरी सेवाएं देने से कतरा रहे हैं। बैठक में फरीदाबाद के अधिकारियों ने भी इस मुद्दे को उठाया।
मरीजों को कोविड-19 के टेस्ट के लिए मजबूर नहीं कर सकते
ईएसआई कॉरपोरेशन के क्षेत्रीय निदेशक एसके सिन्हा ने कहा कि मरीजों को जरूरी इलाज और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए। मरीजों को भर्ती करने से पहले स्वास्थ्य कर्मी अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय अपनाएं मगर मरीजों को कोविड-19 के टेस्ट के लिए मजबूर नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जल्द सभी पैनल अस्पतालों को आदेश जारी किए गए है।