14 गांवों में बाढ़ का खतरा, प्रशासन ने की तैयारी तेज
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से फरीदाबाद जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। हथनीकुंड बैराज से सोमवार सुबह 6:10 बजे करीब 2,38,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसका असर लगभग 48 घंटे बाद यानी 3 सितम्बर की सुबह फरीदाबाद में देखने को मिलेगा। प्रशासन ने स्थिति को गंभीर मानते हुए संवेदनशील इलाकों के लिए सेफ हाउस और राहत केंद्र स्थापित कर दिए हैं।
जिला उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि यमुना नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर के करीब है। मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट पहले ही जारी कर दिया है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं। डीसी ने कहा कि वर्ष 2023 जैसी बाढ़ की स्थिति बनने की आशंका है, जब यमुना का जलस्तर ओखला बैराज पर रिकॉर्ड 3,72,225 क्यूसेक तक पहुंच गया था। इसलिए प्रशासन ने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रखा है।
14 गांवों पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले के 14 गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। इनमें बसंतपुर, किदावली, लालपुर, महावतपुर, राजपुर कलां, तिलोरी खादर, अमीपुर, चिरसी, मंझावली, चांदपुर, मोठूका, अरुआ, छांयसा और मोहना शामिल हैं। इन गांवों के ग्रामीणों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है। प्रशासन ने कहा कि ग्रामीण अपने साथ जरूरी दस्तावेज, कीमती सामान और दवाइयां लेकर जाएं। साथ ही पशुओं को भी प्रशासन द्वारा चिन्हित सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाए।
सेफ हाउस और राहत केंद्रों की व्यवस्था
जिला प्रशासन ने संभावित प्रभावित क्षेत्रों में राजकीय विद्यालयों, पंचायत भवनों और सामुदायिक केंद्रों को राहत केंद्र और सेफ हाउस के रूप में तैयार किया है। यहां पीने के पानी, भोजन, दवाइयों और बिजली की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन की टीमें लगातार इन केंद्रों का निरीक्षण कर रही हैं ताकि किसी भी समय प्रभावित परिवार यहां सुरक्षित पहुंच सकें।
नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से कहा कि बढ़ते जलस्तर और संभावित बारिश को देखते हुए सभी लोग सावधान रहें। निचले इलाकों में रहने वाले लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थलों पर चले जाएं। उन्होंने कहा कि जलभराव या बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। खुले बिजली के तारों और उपकरणों से दूर रहें और बच्चों को भी घर से बाहर जाने से रोकें।
आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
प्रशासन ने राहत कार्यों को तेज करने के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया है। आपात स्थिति में तुरंत मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 0129-2227937 और 0129-2226262 जारी किए गए हैं। डीसी ने बताया कि इन नंबरों पर कॉल करने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहेगा और हर शिकायत व समस्या का तुरंत समाधान किया जाएगा।
अफवाहों से बचने की अपील
प्रशासन ने चेतावनी दी कि ऐसे हालात में अफवाहें फैलना आम बात है। उन्होंने कहा कि लोग केवल जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। अफवाहें न केवल डर और भ्रम फैलाती हैं बल्कि राहत और बचाव कार्यों में भी बाधा डालती हैं।
यमुना और हिंडन बैराज पर नजर
सोमवार शाम 4 बजे तक ताजेवाला (हथनीकुंड) बैराज से 2,93,840 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज दर्ज किया गया। ओखला बैराज पर जलस्तर 198.60 मीटर अपस्ट्रीम और 198.55 मीटर डाउनस्ट्रीम रिकॉर्ड किया गया। यहां से 56,455 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ। वहीं हिंडन बैराज (गाजियाबाद) पर जलस्तर 200.95 मीटर अपस्ट्रीम और 199.95 मीटर डाउनस्ट्रीम रहा, जहां से 5,254 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बारिश के आंकड़ों के अनुसार, हिंडन बैराज क्षेत्र में 15 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि ताजेवाला और ओखला पर वर्षा शून्य रही।
फरीदाबाद के लिए खतरे का संकेत
जल विशेषज्ञों के अनुसार, ताजेवाला से छोड़ा गया पानी फरीदाबाद तक पहुंचने में लगभग 48 घंटे का समय लेता है। इसलिए 3 सितम्बर की सुबह स्थिति और गंभीर हो सकती है। जिले के संवेदनशील गांवों – बसंतपुर, किदावली, लालपुर, महावतपुर, राजपुर कलां, तिलोरी खादर, अमीपुर, चिरसी, मंझावली, चांदपुर, मोठूका, अरुआ, छांयसा और मोहना – पर प्रशासन की विशेष नजर है।
लोगों से सहयोग की अपील
डीसी विक्रम सिंह ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है, लेकिन बिना नागरिकों के सहयोग के किसी भी आपदा से निपटना संभव नहीं है। उन्होंने अपील की कि लोग प्रशासनिक आदेशों का पालन करें, सुरक्षित स्थानों पर जाएं और किसी भी समस्या की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को दें।