गुरुग्राम के बाद दूसरे स्थान पर रहकर 97.58 करोड़ की रिकॉर्ड वसूली की, ओल्ड जोन-1 ने अकेले जुटाए 28.89 करोड़, 2304 संपत्तियों की सीलिंग से बढ़ी वसूली
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। नगर निगम ने वित्त वर्ष 2025-26 में प्रॉपर्टी टैक्स वसूली के मोर्चे पर ऐसा प्रदर्शन किया है जिसने पूरे प्रदेश में उसकी स्थिति को नई ऊंचाई दी है। 97.58 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड वसूली के साथ नगर निगम फरीदाबाद प्रदेश में गुरुग्राम के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। प्रदेश के 11 निगमों में फरीदाबाद ने दूसरे स्थान पर रहकर रिकार्ड वसूली की है। निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा के आने के बाद निगम की कार्यप्रणाली काफी हद तक बदली जा चुकी है। अब फरीदाबाद के काम करने के मॉडल को दिल्ली तक में अपनाया जा रहा है। वहीं अब टैक्स वसूली के मॉडल को भी प्रदेश में अपनाया जा सकता है।
इस सफलता में ओल्ड फरीदाबाद के इलाकों की भूमिका सबसे अहम रही। लंबे समय से बकाया चल रहे टैक्स को वसूलने के लिए निगम ने जहां एक तरफ सख्ती दिखाई वहीं लोगों ने भी बढ़-चढ़कर टैक्स जमा किया। नतीजा यह हुआ कि इस बार वसूली का ग्राफ तेजी से ऊपर गया और निगम का खजाना पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुआ है। पिछले सालों में निगम करीब 50 करोड़ के आस-पास ही वसूली कर पाता था लेकिन इस बार निगम 100 करोड़ से कुछ कदन की दूर रह गया है।
ओल्ड जोन-1 से 28.89 करोड़ की वसूली
जोनवार आंकड़ों पर नजर डालें तो ओल्ड जोन-1 ने 28.89 करोड़ रुपये की वसूली कर सबसे बड़ा योगदान दिया है। इसके बाद ओल्ड जोन-2 से 16.71 करोड़ और एनआईटी जोन-2 से 16.44 करोड़ रुपये की वसूली हुई। एनआईटी जोन-1 ने 11.93 करोड़, बल्लभगढ़ जोन-1 ने 7.87 करोड़, चांदावली क्षेत्र से 5.70 करोड़, एनआईटी जोन-3 से 5.57 करोड़ और बल्लभगढ़ जोन-2 से 4.43 करोड़ रुपये निगम के खजाने में पहुंचे।
जुलाई 2025 में 31.40 करोड़ की हुई वसूली
मासिक ट्रेंड पर नजर डालें तो जुलाई 2025 निगम के लिए सबसे सफल महीना साबित हुआ जब अकेले 31.40 करोड़ रुपये की वसूली हुई। इससे पहले जून में 14.30 करोड़ और मई में 10.89 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में जमा हुए। अप्रैल में 8.47 करोड़ की वसूली दर्ज की गई जबकि फरवरी 2026 में यह आंकड़ा 4.13 करोड़ रहा। जुलाई में आई यह बड़ी उछाल इस बात का संकेत है कि समयबद्ध अभियान और सख्त कार्रवाई का सीधा असर लोगों की भागीदारी पर पड़ा।
2304 संपत्तियां सील कर निगम ने दिखाई सख्ती
निगम द्वारा बकायेदारों के खिलाफ चलाई गई सीलिंग कार्रवाई भी इस सफलता की बड़ी वजह रही है। अब तक कुल 2304 संपत्तियों को सील किया जा चुका है। इनमें सबसे ज्यादा 518 यूनिट ओल्ड जोन-1 में सील की गईं जबकि एनआईटी जोन-2 में 464 और बल्लभगढ़ जोन-1 में 370 संपत्तियां सील हुईं। ओल्ड जोन-2 में 322, बल्लभगढ़ जोन-2 में 240, एनआईटी जोन-3 में 237 और एनआईटी जोन-1 में 146 संपत्तियों पर कार्रवाई हुई। चांदावली क्षेत्र में भी 7 यूनिट सील की गईं। इस कार्रवाई से बकायेदारों पर सीधा दबाव बना और वसूली की गति तेज हुई।
2.51 लाख संपत्तियों का स्वयं सत्यापन
नगर निगम की डिजिटल पहल भी इस बार वसूली में सहायक साबित हुई है। अब तक 2,51,424 संपत्तियों का सेल्फ-सर्टिफिकेशन किया जा चुका है। इससे न केवल रिकॉर्ड अपडेट हुए हैं बल्कि लोगों को बार-बार दफ्तर जाने की जरूरत भी कम हुई है। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रक्रिया से भविष्य में प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद भी कम होंगे और टैक्स सिस्टम ज्यादा पारदर्शी बनेगा।
नंबर-1 बनने की दिशा में आगे बढ़ा फरीदाबाद
फरीदाबाद का प्रॉपर्टी टैक्स वसूली में दूसरे स्थान पर पहुंचना प्रशासनिक सुधारों का संकेत माना जा रहा है। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार सख्ती, डिजिटल सिस्टम और जागरूकता के चलते बेहतर परिणाम सामने आए हैं। जानकारों का मानना है कि अगर यही रफ्तार बनी रही तो आने वाले समय में फरीदाबाद प्रदेश में पहला स्थान भी हासिल कर सकता है।
नगर निगम की तरफ से प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का काम गंभीरता से किया जा रहा है। प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर लोगों ने भी काफी सहयोग किया है। अच्छा प्रॉपर्टी टैक्स मिलने से शहर के विकास कार्यों में तेजी आएगी। - सलोनी शर्मा, अतिरिक्त निगम आयुक्त
नगर निगम इस टैक्स का इस्तेमाल शहर में सुविधाएं बढ़ाने के लिए करता है। इसे विकास कार्य व लोगों की जरूरत पर खर्च किया जाता है। - धीरेंद्र खड़गटा निगम आयुक्त