अस्पताल प्रबंधन बोला, बिना बकाया वसूले सौंपा शव
एशियन अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. हिलाल अहमद ने कहा कि मृत्यु होने के बाद परिजन मरीज की डेड बॉडी लेने के लिए नहीं आए। वह केवल बिल माफ करने की बात करते रहे। मोटी रकम बकाया थी बावजूद इसके बिना बकाया वसूले परिजनों को शव सौंप दिया गया। बिल अभी भी बकाया है।
डिप्टी सीएमओ डॉ गजराज ने परिजनों ने फोन कर मामले की शिकायत की थी। अस्पताल प्रबंधन से बात कर आधे घंटे में मामला सुलझा लिया गया। नियमानुसार किसी की डेड बॉडी नहीं रोकी जा सकती।
अब तक छह अस्पतालों के खिलाफ मिली है शिकायतें
उपायुक्त यशपाल यादव ने बताया कि कोरोना काल में अब तक छह निजी अस्पतालों के खिलाफ शिकायत मिल चुकी है। इसमें से एक अस्पताल की जांच पूरी हो चुकी है, जबकि अन्य मामलों की जांच जारी है।
मुख्यमंत्री के आदेश हैं कि मरीजों से लूट-खसोट नहीं हो। इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। यदि कोई भी निजी अस्पताल मरीजों की स्थिति का फायदा उठाकर ओवर चार्ज करेंगे तो मामला संज्ञान में आते ही कार्रवाई की जाएगी।