फरीदाबाद। कोरोना संक्रमण के बाद लगातार चिंता का सबब बन रहा ब्लैक फंगस जिले में तेजी से पैर पसार रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने अब तक ब्लैक फंगस के कुल 56 मामलों की पुष्टि की है। वहीं, बृहस्पतिवार तक जिले में 12 उपचाराधीन मरीजों के स्वस्थ होने का दावा कोविड नोडल अधिकारी डॉ. रामभगत ने किया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार जिले में अभी तक 56 मामले ब्लैक फंगस से संबंधित आए हैं। इनमें से 12 मरीज स्वस्थ हुए और 8 संदिग्ध हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ रणदीप सिंह पुनिया का दावा है कि अधिसूचित बीमारी होने के कारण प्रत्येक मरीज का डाटा विभाग के पास उपलब्ध है। सभी की स्थिति पर लगातार अपडेट लिया जा रहा है। उधर, मरीजों के तीमारदार एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन की कमी के कारण लगातार परेशानी उठा रहे हैं।
विशेषज्ञों का तर्क है कि परामर्श में सुझाई गई डोज मरीज के शरीर में फंगस को पूरी तरह से खत्म करने के लिए जरूरी हैं। उधर, राज्य स्तरीय कमेटी की ओर से संस्तुति के बाद मरीजों को महज दो वायल ही उपलब्ध कराई जा रही हैं।
दवाओं की उपलब्धता में नहीं दिख रहा सुधार
ब्लैक फंगस की दवाओं को लेकर स्थिति में कोई सुधार होता दिखाई नहीं दे रहा है। जिला स्तर पर अब तक चार बार इंजेक्शन की खेप पहुंची है। हर बार दो से अधिक वायल किसी मरीज को अलॉट नहीं की गई। उधर, ईएसआईसी के डिप्टी डीन एके पांडेय ने बताया कि मरीजों के लिए डोज महज 24 घंटे के लिए ही आवंटित हो रही है। ऐसे में यह तय नहीं हो पा रहा कि अगले 24 घंटे के लिए मरीज की दवा सुनिश्चित मिलेगी या नहीं। मौजूदा समय में भर्ती मरीजों को इंजेक्शन दिए जा रहे हैं, हालांकि मांग और आपूर्ति में अंतर बना हुआ है। वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ रणदीप सिंह पुनिया का कहना है कि जिला स्तर पर केवल उन्हीं मरीजों को इंजेक्शन आवंटित हो सकते हैं जो राज्य स्तरीय कमेटी की अनुशंसा में तय मानक पर खरे पाए जाते हैं।