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दिल्ली से ज्यादा खराब हुए शहर की हवा

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फरीदाबाद। जिले में ग्रैप (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) लागू होने के बाद रविवार को शहर की हवा दिल्ली के मुकाबले सबसे ज्यादा प्रदूषित रही। दिल्ली के आनंद विहार इलाके में पीएम 2.5 का स्तर 263 दर्ज किया गया। वहीं, बल्लभगढ़ में पीएम 2.5 का स्तर 330 तक पहुंच गया। इससे लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने के साथ आंखों में जलन की शिकायत हुई।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से प्रदूषण की रोकथाम के लिए बल्लभगढ़ और फरीदाबाद जोन में तीन-तीन टीमें बनाई गई हैं। यह टीमें शहर में प्रदूषण बढ़ाने वाली गतिविधियों पर नजर रखेंगी। इसके बावजूद हवा में जहर घुलता जा रहा है। जिले में एक ओर जहां ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान लागू है। वहीं, दूसरी तरफ प्रदूषण का स्तर भी बढ़ना शुरू हो गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जारी एयर बुलेटिन के अनुसार, रविवार को बल्लभगढ़ जोन का एयर क्वालिटी इंडेक्स 330 दर्ज किया गया। इस सीजन में अब तक का यह सबसे अधिक सूचकांक है। यह दिल्ली से आगे निकल गया है।
क्षेत्र के हिसाब से बात करें तो सेक्टर-11 क्षेत्र ही हवा सबसे अधिक खराब रही। यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक 309 दर्ज किया गया, जबकि एनआईटी क्षेत्र का 294, सेक्टर 30 क्षेत्र का 246 और सेक्टर 16 का एयर क्वालिटी इंडेक्स 258 दर्ज किया गया। बढ़ते एयर क्वालिटी इंडेक्स की एक वजह सड़कों की धूल-मिट्टी भी है। हालांकि, सुबह के समय निगम की ओर से सड़कों पर टैंकरों से पानी का छिड़काव किया जा रहा है मगर वह नाकाफी साबित हो रहा है। सबसे ज्यादा खराब हालत हार्डवेयर सोहना रोड की बनी हुई है।
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वर्जन
जिले में प्रदूषण की रोकथाम के लिए सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर कार्य कर रहे हैं। नगर निगम की ओर से सड़कों पर धूल-मिट्टी को उड़ने से रोकने के लिए टैंकरों से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। प्रदूषण की रोकथाम के लिए और कड़े कदम जल्द उठाए जाएंगे।
- स्मिता कनोडिया, जिला प्रदूषण बोर्ड अधिकारी
अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या
इन दिनों बीके अस्पताल में हर रोज करीब 150 से 200 मरीज आंखों का उपचार कराने आ रहे है। कुछ मरीज आंखों में जलन की शिकायत भी कर रहे हैं। यही स्थिति ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की बनी हुई है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की नेत्र रोग विभाग प्रमुख डॉ. शशि वशिष्ठ ने बताया कि इन दिनों प्रदूषण की वजह से उनकी ओपीडी में आंखों की जलन के रोज 20 मरीज आ रहे है। इससे बचने के लिए आंखों को ठंडे पानी से धोएं। आंखों में किसी प्रकार की जलन आदि होने पर हाथों से न रगड़ें। तकलीफ बढ़ने पर डॉक्टर से जांच करवाएं।
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