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पुरुष नसबंदी की दर घटी, महिलाओं ने भी गर्भनिरोधक गोली से मुंह मोड़ा

Sun, 17 Apr 2016 02:03 PM IST
ऐहतेशाम उद्दीन अहमद/अमर उजाला, फरीदाबाद

सार

दस साल में महज .3 फीसदी बढ़ी परिवार नियोजन की दर  नसबंदी-नलबंदी की दर भी पिछले दशक के मुकाबले हुई कम 
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विस्तार
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सरकार की ओर से जागरूकता अभियान और संसाधन उपलब्ध कराए जाने के बावजूद प्रदेश में परिवार नियोजन की दर पिछले दस साल में महज .3 फीसदी बढ़ सकी है। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले दशक के मुकाबले पुरुष नसबंदी की दर घटी है, महिलाओं ने भी गर्भनिरोधक गोली और नलबंदी से मुंह मोड़ा है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से करवाए गए चौथे नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे में यह तथ्य सामने आए हैं।
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सर्वे के मुताबिक, 2005-06 में प्रदेश में कुल 63.4 फीसदी परिवारों ने फैमिली प्लानिंग अपनाई थी। 2015-16 में प्रदेश में परिवार नियोजन अपनाने वाले परिवारों की संख्या सिर्फ .3 फीसदी बढ़कर 63.7 हुई है। पुरुषों ने तो जैसे नसबंदी से मुंह ही मोड़ लिया। नसबंदी कराने वालों की दर सात प्रति हजार से घट कर छह प्रति हजार ही रह गई है।

सर्वे के मुताबिक, परिवार नियोजन का भार अभी भी पूरी तरह से महिलाओं पर ही है। परिवारों में 88 फीसदी महिलाएं गर्भ निरोधक साधन प्रयोग करती हैं, जबकि महज 12 फीसदी पुरुष कंडोम का इस्तेमाल कर रहे हैं। 59.4 फीसदी महिलाओं ने परिवार नियोजन के आधुनिक साधन चुने हैं।
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पिछले सर्वे के मुकाबले यह दर 1.1 फीसदी बढ़ी है। हालांकि नसबंदी जैसे स्थायी साधन से महिलाओं ने भी मुंह मोड़ा है। पिछले सर्वे में 38.2 फीसदी महिलाओं ने नसबंदी अपनाई थी। इस सर्वे में .1 फीसदी की कमी के साथ महिला नसबंदी की दर 38.1 दर्ज की गई। गर्भ निरोधक गोलियाें का इस्तेमाल भी पिछले दशक के 2.8 फीसदी के मुकाबले घट कर 2.7 फीसदी रह गया है।
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स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का अमला बेअसर 

पंचकूला सबसे आगे और मेवात फिसड्डी 
परिवार नियोजन साधन अपनाने में पंचकूला सबसे आगे है। यहां 79.7 फीसदी परिवार फैमिली प्लानिंग अपनाते हैं। परिवार नियोजन साधन अपनाने वालों की सूची में महज 15.5 फीसदी परिवारों के साथ मेवात फिसड्डी है। फरीदाबाद 28.3 फीसदी परिवारों के साथ 20वें नंबर पर है। जबकि पलवल 31.2 फीसदी परिवारों के साथ 19वें नंबर पर है।

चार जिलों में नहीं हुई नसबंदी 
सर्वे के मुताबिक, हिसार, पलवल पानीपत और रेवाड़ी जिलों में एक भी पुरुष नसबंदी नहीं की गई। इस मामले में मेवात इन जिलों से ठीक रहा। यहां परिवार नियोजन अपनाने वाले एक हजार परिवारों में एक पुरुष ने नसबंदी करवाई। प्रति हजार 53 पुरुष नसबंदी के साथ पानीपत इस मामले में प्रथम है।

स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का अमला बेअसर 
परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता फैलाने में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा बहू, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता) का अमला बेअसर साबित हुआ है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता अभी भी 77 फीसदी परिवारों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। शायद यही वजह है कि एक दशक में परिवार नियोजन अपनाने वाले परिवारों में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई।

सर्वे की नजर में हरियाणा 
परिवार नियोजन के आंकड़े (फीसदी मे)=========2015-16============2005-06
नियोजन अपनाने वाले परिवार ==============63.7 ============== 63.4
आधुनिक साधन अपनाने वाले===============59.4============== 58.3
महिला नसबंदी (नलबंदी)==================38.1==============38.2
पुरुष नसबंदी =========================0.6===============0.7
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