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Faridabad News: फेस रीडिंग, ई-तौल व 5जी नेटवर्क से राशन वितरण होगा आसान

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10.21 लाख लाभार्थियों को होगा फायदा
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सचिन कुमार

फरीदाबाद। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए अब 5जी ई-पीओएसमशीनों से राशन डिपो को अपग्रेड किया जा रहा है। जिले के करीब 10.21 लाख लाभार्थी को इस नई व्यवस्था से बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार द्वारा इस अपग्रेड के जरिये राशन वितरण को तेज, सटीक और पूरी तरह पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

दरअसल, पहले इस्तेमाल हो रही 2जी मशीनों की तकनीकी खामियों ने पूरे प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था को पिछले कुछ दिनों में बहुत ज्यादा प्रभावित किया था। मार्च माह के शुरूआत के करीब बीस दिनों तक सर्वर ठप होने से जिले के लगभग 10.21 लाख लाभार्थियों को समय पर राशन नहीं मिल पाया था। फरीदाबाद में 639 डिपो पर 2जी मशीनों में खराबी के चलते करीब 2.56 लाख परिवारों को राशन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा और करीब बीस दिन बाद वितरण संभव हो पाया।
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फेस रीडिंग और आइरिस स्कैनिंग की सुविधा

2जी मशीनों से आने वाली इन्हीं समस्याओं को देखते हुए अब 5जी आधारित ई-पीओएस मशीनों से डिपो को अपग्रेड किया जा रहा है। नई मशीनों में मल्टी ऑथेंटिकेशन सिस्टम दिया जाएगा, जिसमें फिंगरप्रिंट के साथ फेस रीडिंग और आइरिस स्कैनिंग की सुविधा होगी। इससे बुजुर्गों और उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जिनके फिंगरप्रिंट सही तरीके से काम नहीं करते।

प्रिंटेड पर्ची व ई-तौल से मिलेगा राशन

मशीनों को इलेक्ट्रॉनिक वेटिंग स्केल (ई-तौल) से जोड़ा जाएगा, जिससे राशन की सटीक मात्रा सुनिश्चित होगी और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी। राशन वितरण के बाद उपभोक्ताओं को प्रिंटेड पर्ची भी दी जाएगी, जिसमें अनाज की मात्रा और कीमत की पूरी जानकारी दर्ज होगी।

पीपीपी और आधार कार्ड दोनों से राशन लेने की सुविधा

नई व्यवस्था में उपभोक्ता केवल राशन कार्ड ही नहीं, बल्कि परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) और आधार कार्ड के जरिए भी राशन प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई स्थानों पर सीसीटीवी निगरानी भी सुनिश्चित की जाएगी।

नेटवर्क फेल और सर्वर डाउन जैसी समस्याओं कम होगी

तकनीकी रूप से भी 5जी मशीनें 2जी की तुलना में काफी बेहतर होंगी। जहां पहले धीमी इंटरनेट स्पीड के कारण एक ट्रांजेक्शन में 10-15 मिनट लगते थे। जिससे लंबी लाइनें लगती थीं और काम प्रभावित होता था। वहीं 5जी नेटवर्क के जरिए यह प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो सकेगी। नेटवर्क फेल और सर्वर डाउन जैसी समस्याओं में भी काफी कमी आने की संभावना है।
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पुरानी 2जी पीओएस मशीनों का 5जी ई-पीओएस मशीनों में अपग्रेडेशन किया जा रहा है। जिसके बाद राशन वितरण सामान्य रूप से शुरू हो जाएगा।- कविता, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक
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