हर साल टोल दरों में बढ़ोतरी के बावजूद सड़कों की हालत में नहीं हो रहा सुधार
दिल्ली बॉर्डर से गदपुरी तक जलभराव, टूटे फुटपाथ व गायब मार्किंग ने बढ़ाई मुश्किल
10 हॉटस्पॉट, केवल एक पर हुआ है काम
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। दिल्ली से सटे औद्योगिक शहर फरीदाबाद की लाइफ लाइन माने जाने वाले नेशनल हाईवे-19 पर सफर अब राहत नहीं बल्कि जोखिम और खर्च का सौदा बनता जा रहा है। हर साल टोल दरों में बढ़ोतरी के बावजूद सड़क खस्ताहाल होती जा रही है। दिल्ली बॉर्डर से गदपुरी तक का करीब 20 किलोमीटर का हिस्सा कई जगहों पर जर्जर, असुरक्षित और जाम से जूझता नजर आता है। लोगों का कहना है कि सरकार रोड टैक्स ले रही है और प्राधिकरण टोल लेकिन सुविधा फिर भी नहीं मिल रही।
हल्की बारिश भी इस हाईवे की असलियत सामने ला देती है। जगह-जगह जलभराव के कारण सड़क दरिया में बदल जाती है, जिससे घंटों जाम लगना आम बात हो गई है। इससे रोजाना हजारों यात्रियों का समय बर्बाद हो रहा है और वाहनों को भी नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं हर साल टोल की दर में पांच से 10 रुपये बढ़ा दिए जा रहे हैं।
मेंटेनेंस पर उठ रहे सवाल, विदेशी कंपनी भी नाकाम
इस हाईवे के रखरखाव की जिम्मेदारी एक विदेशी कंपनी के पास है लेकिन जमीनी हालात इसके उलट तस्वीर दिखाते हैं। जगह-जगह टूटी रेलिंग, गायब फुटपाथ और खराब सर्विस रोड साफ बताते हैं कि मेंटेनेंस के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कंपनी क्षेत्र की भौगोलिक समस्याओं, खासकर ड्रेनेज सिस्टम को समझने में विफल रही है।
बल्लभगढ़ के पास स्थित फ्लाईओवर पर लगता है जाम
बल्लभगढ़ क्षेत्र में पड़ने वाला फ्लाईओवर शहर के ट्रैफिक के लिए सबसे बड़ी बाधा बन गया है। इसकी चौड़ाई कम होने के कारण यहां हर दिन व्यस्त समय में लंबा जाम लगता है। वाहन जैसे ही फ्लाईओवर पर चढ़ते हैं, सड़क संकरी हो जाती है और रफ्तार थम जाती है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि निर्माण के समय भविष्य के ट्रैफिक दबाव का आकलन नहीं किया गया जिसका खामियाजा आज लाखों लोग भुगत रहे हैं।
रेलिंग टूटने के साथ खुले पड़े हैं नाले
हाईवे पर सुरक्षा इंतजाम भी बेहद कमजोर हैं। कई जगहों पर लोहे की रेलिंग टूट चुकी हैं या गायब हैं जिससे लोग कही से भी सड़क पार करने लगते हैं इसके कारण कई बार हादसे हो चुके हैं। जिम्मेदारों की तरफ से मरम्मत करवाई जाती है लेकिन कुछ दिन बाद दोबारा वहीं हाल हो जाता है। इसको लेकर ट्रैफिक पुलिस भी कई बार पत्र लिख चुकी है।
गायब मार्किंग और साइन बोर्ड के कारण रात में होती है परेशानी
सड़क पर लेन मार्किंग और जेब्रा क्रॉसिंग कई जगहों से मिट चुकी हैं। रिफ्लेक्टर और साइन बोर्ड की कमी के कारण रात या कोहरे में वाहन चलाना बेहद जोखिम भरा हो गया है। बाहरी राज्यों से आने वाले चालक अक्सर भ्रमित होकर हादसों का शिकार हो जाते हैं।
बढ़ती दर से परेशान लोग
नियमित यात्रियों में इस स्थिति को लेकर भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि वे एक तरफ टैक्स देते हैं और दूसरी तरफ टोल भी, लेकिन बदले में उन्हें टूटी और खतरनाक सड़कें ही मिल रही हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी मांग उठ रही है कि मेंटेनेंस एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए और नियमित ऑडिट कराया जाए।
कई हॉटस्पॉट लेकिन रफ्तार धीमी
ट्रैफिक पुलिस की तरफ से हाईवे पर पड़ने वाले हॉटस्पॉट को लेकर प्राधिकरण को पत्र लिखा गया था। सूत्रों के अनुसार इस मार्ग पर 10 से अधिक हॉटस्पॉट हैं इसमें से अभी तक केवल एक जेसीबी चौक पर एनएचएआई की तरफ से काम किया गया है। जब इस मामले में एनएचएआई के उप महाप्रबंधक धीरज सिंह ने संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। वहीं फरीदाबाद ट्रैफिक डीसीपी जयवीर राठी का कहना है कि पत्र लिखने के बाद जेसीबी चौक पर एनएचएआई की तरफ से काम करवाया गया है।