फरीदाबाद। बढ़ती महंगाई से हर वर्ग परेशान हैं। खासकर महिलाओं के लिए रसोई खर्च चलना मुश्किल हो गया है। आटा, दाल, चावल, तेल से लेकर हरी सब्जियों के भाव आसमान छू रहे हैं। रसोई गैस से लेकर सभी खाद्य तेल महंगे हो रहे हैं। गृहिणियों का कहना है कि इस बजट में प्रदेश सरकार महंगाई से राहत दे तो बात बने।
गृहणियों ने बताया कि पहले तीन से चार हजार रुपये में पूरे महीने का राशन आ जाता था। महीने भर किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती थी, लेकिन अब पांच से छह हजार रुपये खर्च हो जा रहे हैं। इनमें से भी कई सामनों की कटौती करनी पड़ती है। हरी सब्जी को खरीदने में अलग से पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। गोभी, टमाटर, पालक, आलू सीजन होने के बावजूद महंगे हैं।
कोरोना ने बढ़ाई और परेशानी
गृहिणियों ने बताया कि कोरोना के चलते कई परिवार ऐसे हैं, जिनकी मासिक आमदनी सीमित हो गई है। पहले के मुकाबले कमाई कम हो गई है। अधिकांश कंपनियों ने भी वेतन में कटौती की है। इन सबके बीच बेतहाशा बढ़ रही महंगाई के कारण परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। खर्च मैनेज करने के लिए या तो खानपान में कटौती कर रहे हैं या फिर कर्ज लेकर बच्चों व परिवार का पेट भर रहे हैं। सरकार को चाहिए कि कम से कम खान-पान के सामानों की बढ़ते दर पर अंकुश लगाए।
हर महीने हो रही बढ़ोतरी
एनआईटी-पांच के एक किराना दुकानदार रणदीप माटा ने बताया कि पिछले महीने के मुकाबले इस महीने भी आटा, दाल, चावल, कच्ची घानी के सरसों तेल, रिफाइंड आदि की कीमतें बढ़ी हैं। सभी में पांच से दस रुपये की बढ़ोतरी हो रही है। चावल 30-100 रुपये प्रति किलो, सभी प्रकार की दालें 80 से 120 रुपये प्रति किलो, सरसों तेल 170-190 रुपये प्रति लीटर, आटा 20-30 रुपये प्रति किलो, रिफाइंड तेल 145 से 150 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। साबुन, डिटर्जेंट के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। सब्जी विक्रेताओं के अनुसार फूल गोभी 40, आलू 15 से 20, भिंडी 100, शिमला मिर्च 80 से 100, मूली 20 से 30, प्याज 40 से 50, धीया 50, टमाटर 30 से 40 आदि प्रति किलो मिल रहे हैं।
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महंगाई से बुरा हाल है। सभी सामानों के दाम बढ़ रहे हैं। ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह महंगाई को कम करने वाला बजट पेश करें।
- हीना वर्मा
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खाने-पीने का हर सामान महंगा है। इससे घर चलाना मुश्किल हो रहा है। सरकार जल्द महंगाई पर अंकुश लगाए।
- शशि अरोड़ा
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सरकार को खान-पान से जुड़ी वस्तुओं की कीमतों पर विचार करना चाहिए। उम्मीद है इस बजट में महंगाई कम करने वाली कुछ घोषणाएं होंगी।
- कुसुम अहूजा
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महंगाई से हर वर्ग परेशान हैं। सरकार को महंगाई कम करने का प्रयास करना चाहिए।
- कौशल्या वर्मा
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कोरोना में आमदनी तो कम हुई, लेकिन महंगाई लगातार बढ़ी है। इससे घर चलाना मुश्किल हो रहा है। सरकार को इस पर सोचाना चाहिए।
- सोनिया कुमार
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आम आदमी की परेशानी बढ़ रही है। हर वस्तु के दाम आसमान छू रहे हैं। सरकार से गुजारिश है कि आम लोगों के हित वाला बजट लाए।
- मंजू