स्तन कैंसर को लेकर महिलाएं नहीं है जागरुक, तीन साल में 20 प्रतिशत बढ़े है मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। स्वस्थ जीवन जीने के लिए हर व्यक्ति को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाना आवश्यक है। ऐसे ही महिलाओं को भी 40 के बाद मैमोग्राफी टेस्ट करवाना जरूरी है। ताकि उनको समय रहते पता चल सके कि उनको स्तन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी तो नहीं है।
आज के समय में भी महिलाएं जागरूक नहीं हैं। जिस वजह से पिछले 3 साल में 20 प्रतिशत स्तन कैंसर के मामले बढ़े हैं। वहीं दूसरी ओर जिले के एकमात्र सरकारी बीके अस्पताल में स्तन कैंसर का इलाज नहीं होता है। इसी वजह से इस बीमारी से ग्रस्त महिलाओं को दिल्ली स्थित एम्स में रेफर किया जाता है।
विन ओवर कैंसर की फाउंडर कविता गुप्ता का कहना है कि महिलाओं को समय-समय पर विभिन्न प्रकार की जांच करवाना आवश्यक है। ताकि उनको समय रहते बीमारी का पता चल सके। जिनमें से एक स्तन कैंसर की बीमारी है। यह बीमारी 40 के बाद महिलाओं में पाई जाती है। इसलिए 40 की उम्र को पार करते ही साल में एक बार महिलाओं को मैमोग्राफी टेस्ट करवाना आवश्यक होता है, ताकि उनको सही समय पर स्तन कैंसर जैसी बीमारी के बारे में पता चल सके। उनकी संस्था की ओर से स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं की मदद की जाती है।
20 प्रतिशत हुआ है इजाफा
बीके अस्पताल के डॉ. दिनेश रंगा ने बताया कि पिछले तीन साल में स्तन कैंसर के मरीजों में 20 प्रतिशत इजाफा हुआ है। आज भी महिलाएं इस बीमारी को लेकर जागरूक नहीं है। जिस वजह से वह समय रहते महिलाओं को उपचार नहीं हो पाता है। उन्होंने बताया कि जिले के सरकारी अस्पताल में उपचार नहीं होने की वजह से महिलाओं को दिल्ली रेफर किया जाता है। इसके अलावा सरकार की ओर से इस बीमारी को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का भी आयोजन नहीं किया जाता है।