नए डीन ने कतार प्रबंधन के दिए निर्देश, एयरपोर्ट की तर्ज पर होगा काम
हेमलता
फरीदाबाद। एनआईटी तीन नंबर स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में मरीजों को अब ज्यादा देर तक कतार में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। डीन की ओर से कतार प्रबंधन के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं। उनका कहना है कि मेडिकल कॉलेज में एयरपोर्ट की तर्ज पर मात्र 2 मिनट के लिए ही मरीज काउंटर पर खड़ा रहना चाहिए।
मेडिकल कॉलेज में रोजाना करीब 3000 से अधिक मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। मरीजों में बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, विकलांग भी होते हैं। सभी मरीजों को पहले ओपीडी कार्ड बनवाना पड़ता है। ओपीडी कार्ड बनवाने के लिए 9 बजे काउंटर खुलता है। प्रत्येक मरीज को सुरक्षाकर्मी की ओर से टोकन दिया जाता है। टोकन नंबर के अनुसार ही एलसीडी पर नंबर डिस्प्ले होता है और उसके बाद मरीज काउंटर पर जाकर कार्ड बनवाना है। टोकन जल्दी लेने के चलते मरीज करीब 2 घंटे पहले ही अस्पताल में पहुंच जाते हैं। इसी सिस्टम को ठीक करने के लिए डीन डॉ. चव्हाण कालिदास दत्तात्रेय की ओर से कतार प्रबंधन को लेकर दिशा निर्देश दिए गए हैं।
अतिरिक्त कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया जाएगा
डीन ने बताया कि वह जब चेन्नई से दिल्ली फ्लाइट के जरिये आए, तब उन्होंने देखा कि एयरपोर्ट पर मात्र 2 मिनट के लिए ही ग्राहक काउंटर पर खड़ा होता है। उस दो मिनट में कर्मचारी ग्राहक के सभी प्रकार कर देते हैं। यह सुविधा उनके अस्पताल में भी शुरू हो सकती है। इसलिए उनकी ओर से मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को यह सुविधा देने के लिए जल्द ही अतिरिक्त कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया जाएगा।
9 बजे अधिकारी खुद जाकर करेंगे जांच
डीन ने कहा कि सुबह 9 बजे काउंटर खुलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचकर देखेंगे कि काउंटर सही से चल रहा है या नहीं। कई बार सुबह के समय सर्वर खराब होने के चलते मरीजों को काफी परेशानी होती है। अगर सर्वर में किसी प्रकार की कोई परेशानी है तो मरीज का कार्ड ऑफलाइन बनाया जाएगा ताकि मरीज को उपचार लेने में कोई परेशानी ना हो ।