नर्सिंग और पैरामेडिकल, मेडिकल स्टॉफ में नहीं हो रही भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल क्षमता से अधिक मरीजों का उपचार कर रहा है। 920 बेड के अस्पताल में 1000 से अधिक मरीज भर्ती हैं। इसके बावजूद अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर, नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या में बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। ऐसे में मरीजों को उपचार कराने के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं।
उचित उपचार के अभाव में मरीजों के दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही है। अस्पताल में बेड खाली नहीं होने की वजह से मरीजों को वापस लौटा दिया जाता है। फरीदाबाद समेत, दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, पलवल, होडल, हथीन, सोनीपत, पानीपत, रेवाड़ी आदि जिलों से रोजाना करीब 5 हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। उच्च अधिकारियों के दौरे के बाद से अस्पताल में विश्व स्तरीय सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। निजी अस्पतालों की तर्ज पर अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं जैसे किडनी ट्रांसप्लांट, कैंसर मरीजों का इलाज, एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी समेत अन्य बीमारियों के इलाज की कई सुविधाएं शुरू कर दी गई हैं। जिससे देश के विभिन्न राज्यों से मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं।
अधिकारियों के आदेश पर अस्पताल में बेड की संख्या 510 से बढ़ाकर करीब 920 कर दी गई है। इसमें भी 1000 से अधिक मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। जिससे मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर न करना पड़े। लेकिन, स्टाफ में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई।
सेक्टर- 3 से पहुंचे राम निवास ने बताया कि एमरजेंसी में जगह खाली नहीं मिलती है। जिसके कारण बाहर उपचार कराना पड़ता है। एमरजेंसी में सभी बेड भरे हुए मिलते हैं। इसके अलावा बल्लभगढ़ से पहुंची सुलेखा का कहना है कि अस्पताल में दूर- दूर से कई मरीज अपना इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं, जिससे अधिकतर बेड पर मरीज होते हैं। अब अधिक गर्मी बढ़ने के कारण लोग ज्यादा बीमार पड़ रहे हैं। जिससे अस्पताल में अधिक भीड़ है।
ईएसआईसी अस्पताल में आईसीयू 50 बेड का है। इसमें भी उच्च अधिकारियों के आदेश पर बेड की संख्या बढ़ाकर करीब 120 कर दी गई है। लेकिन मेडिकल, नर्सिंग, पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या में कोई इजाफा नहीं किया गया। एक मरीज पर जहां एक नर्सिंग स्टाफ होना चाहिए वहां अस्पताल में करीब 6 मरीजों पर एक नर्सिंग स्टाफ काम कर रहा है। जिससे मरीजों को बेहतर उपचार देने में काफी परेशानी हो रही है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उनके पास पर्याप्त बेड हैं और मरीजाें की संख्या भी अधिक नहीं है।
अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों का अभाव
जानकारी के अनुसार ईएसआईसी अस्पताल में करीब 400 डॉक्टर कार्यरत हैं। इसके साथ ही अभी करीब 150 डॉक्टरों की और जरूरत है। इस फैकल्टी में सीनियर रेजिडेंट, प्रोफेसर, जूनियर डॉक्टर शामिल हैं। इसी प्रकार यदि नर्सिंग स्टाफ की बात की जाए तो अस्पताल में मरीजों की क्षमता के अनुसार 800 नर्सिंग स्टाफ होना चाहिए। लेकिन, केवल 400 नर्सिंग स्टाफ ही काम कर रहा है।
कई बार कर चुके स्टाफ बढ़ाने की मांग
अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि ईएसआईसी मुख्यालय के महानिदेशक और वित्तीय आयुक्त को कई बार अस्पताल में डॉक्टर व पैरामेडिकल और नर्सिंग स्टाफ की कमी से अवगत कराया जा चुका है। अनेक बार स्टाफ बढ़ाने की मांग के लिए पत्र लिख चुके हैं।
वर्जन
हमारा प्रयास सीमित संसाधनों में मरीजों को बेहतर उपचार देना है। अस्पताल में पर्याप्त बेड हैं और मरीज की संख्या भी अधिक नहीं है। अभी भी कुछ बेड खाली हैं। इसके साथ ही स्टाफ बढ़ाने के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। - डॉ. अनिल पांडेय, डीन, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल।