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Faridabad News: बिजली कटौती से उद्यमी परेशान

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बिजली गुल रहने से घंटों उत्पादन ठप रहता है और मजदूरों को खाली बैठना पड़ता है
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संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। भीषण गर्मी के साथ ही फरीदाबाद के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों-सरूरपुर, मुजेसर और वजीरपुर में बिजली संकट गहरा गया है। लगातार हो रही कटौती ने उद्यमियों की कमर तोड़कर रख दी है। इन तीनों क्षेत्रों में करीब छह हजार छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां संचालित होती हैं, जहां बिजली गुल रहने से घंटों उत्पादन ठप रहता है और मजदूरों को खाली बैठना पड़ता है।

उद्यमियों का कहना है कि वे पहले से ही महंगे कच्चे माल और वैश्विक मंदी के कारण निर्यात में आ रही गिरावट से जूझ रहे हैं। अब बिजली संकट से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। उद्यमियों के अनुसार, इन क्षेत्रों के नियमित न होने के कारण बिजली बुनियादी ढांचे की स्थिति बेहद खराब है, जबकि आईएमटी जैसे नियमित क्षेत्रों में ऐसी समस्या नहीं है।
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वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर छोटे उद्यमियों को मजबूरन डीजल जनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है। हालांकि, महंगे डीजल के कारण उत्पादन लागत इतनी बढ़ गई है कि बाजार में टिकना मुश्किल हो रहा है। उद्यमियों का कहना है कि रविवार को बिजली विभाग के अधिकारियों से मिलने की योजना बनाई जा रही है। साथ ही प्रशासन से औद्योगिक क्षेत्रों को नियमित करने की भी मांग की जाएगी।

बातचीत

बिजली कटौती से उत्पादन आधा रह गया है। तीन-तीन घंटे मजदूर खाली बैठे रहते हैं और समय पर ऑर्डर पूरे न होने से विदेशी ग्राहक हाथ से निकल रहे हैं।-वीरेंद्र सिंह

कच्चा माल पहले ही महंगा है, ऊपर से जनरेटर चलाने के लिए डीजल का खर्च भारी पड़ रहा है। बड़े उद्यमियों के लिए तो ज्यादा समस्या नहीं है, छोटे उद्यमियों का अब मार्केट में रह पाना भी मुश्किल हो रहा है।-आरती शर्मा

आईएमटी जैसे नियमित क्षेत्रों में भी बिजली कटौती होती है, पर कभी-कभी और आधे से एक घंटे के लिए , लेकिन हमारे यहां इंफ्रास्ट्रक्चर बदहाल है। कई बार तीन से चार घंटे तक भी बिजली गायब रहती है। बिना नियमितीकरण और पर्याप्त बिजली के लघु उद्योगों का चल पाना मुश्किल हो जाएगा।-दीपक रावत
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बिजली के जाने से अगर जनरेटर का उपयोग कर रहें हैं, वहां पर भी लगातार बढ़ते दामों के कारण चीजें आसान नहीं दिख रही हैं। सरकार और बिजली विभाग को तुरंत दखल देना चाहिए।-आरके भाटी, उद्यमी
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