पिछले कुछ साल से मानसिक परेशानी से जूझ रहा था, दिल्ली में चल रहा था इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेक्टर 16 निवासी कंप्यूटर इंजीनियर ने गुरुग्राम नहर में छलांग लगाकर जान दे दी। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने शव नहर से निकला। इंजीनियर कई दिनों से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था।
सेक्टर 16 निवासी नरेश बघेरिया का शेयर मार्केट का काम है। उन्होंने बताया कि बेटा विनीत बघेरिया ने मानव रचना यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर इंजीनियर की पढ़ाई की थी। पिछले कुछ साल से मानसिक परेशानी से जूझ रहा था। उसका इलाज दिल्ली के एक नामी डॉक्टर से करा रहे थे। मानसिक परेशानी पूरी तरह से कम नहीं हुई थी। पुलिस का कहना हैं कि इसी परेशानी के चलते विनीत दो बार पहले भी जान देने की कोशिश कर चुका था। कुछ समय पहले ही विनीत ने भारी मात्रा में दवाइयों का सेवन कर लिया था, जिसके चलते उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ दिन चले इलाज के बाद विनीत ठीक होकर घर आया था। बुधवार को विनीत घर से बाइक लेकर बिना किसी को कुछ बताए निकल गया। एक घंटे तक वापस नहीं आया तो उन्हें चिंता हुई। जानकारों की मदद से विनीत तलाशने का काम शुरू किया। कुछ देर बाद उन्हें पता चला कि सेक्टर 17 से गुजर रही गुरुग्राम कैनाल के पुल पर विनीत की बाइक खड़ी है। पुलिस ने शव को सेक्टर 14 के पास नहर से बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।