फरीदाबाद। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने निजीकरण सहित कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को सारन क्षेत्र में विरोध-प्रदर्शन किया। पैदल मार्च निकाल सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कर्मियों की छंटनी, पुरानी पेंशन, महंगाई भत्ता और एलटीसी बहाली सहित विभिन्न मांगों का एक ज्ञापन एनआईटी विधायक नीरज शर्मा को सौंपा।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर तले विभिन्न विभागों के कर्मचारी बृहस्पतिवार सुबह सारन चौक पर एकत्रित हुए। वहां से मांगों के समर्थन और सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए विधायक नीरज शर्मा के आवास पर पहुंचे। प्रदर्शन का नेतृत्व सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री, जिला सचिव बलबीर सिंह बालगुहेर ने किया। प्रदर्शन में किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार की कृषि कानूनों को रद्द न करने की हठधर्मिता की निंदा की गई।
प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा व वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि जजपा ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में ठेका प्रथा समाप्त कर ठेका कर्मियों को पक्का करने, पुरानी पेंशन बहाल करने, पंजाब के समान वेतन देने आदि का वादा किया था। इसको अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है। भाजपा सरकार कर्मचारियों की लंबित मांगों का बातचीत से समाधान करने की बजाय बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त करने में जुटी है। मुख्यमंत्री मनोहरलाल के आश्वासन के बावजूद बर्खास्त पीटीआई को अभी तक समायोजित नहीं किया गया है। करीब 600 चित्रकला शिक्षकों को बुधवार को पद मुक्त कर दिया गया है। इससे पहले सरकार अपने कार्यकाल में खेल कोटे में भर्ती हुए हजारों ग्रुप डी, नगर निगम गुरुग्राम व कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड से 65 सफाई कर्मचारियों को नौकरी से निकाल चुकी है। इस मौके पर खुर्शीद अहमद, गिरीश राजपूत, दिनेश शर्मा, विजय चावला, श्रीनंद ढकोलियां आदि मौजूद रहे।