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Faridabad News: स्मार्ट सिटी में जल संरक्षण, पेयजल और प्रदूषण प्रबंधन पर होगा जोर

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स्मार्ट सिटी में जल संरक्षण, पेयजल और प्रदूषण प्रबंधन पर होगा जोर
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-15वें वित्त आयोग से नगर निगम को मिले हैं 51 करोड़ रुपये



मनोज धर द्विवेदी

फरीदाबाद। पंद्रहवें वित्त आयोग से मिले 51 करोड़ रुपये से नगर निगम जल संरक्षण, पेयजल, कूड़ा निस्तारण और प्रदूषण प्रबंधन समेत अन्य कार्य करेगा। निगम 210 रेन वाटर हार्वेस्टिंग की मरम्मत, नई स्वीपिंग मशीन खरीदने, पार्काें में लघु एसटीपी लगवाने, एंटी स्मॉग गन खरीदने और ग्रीन वेस्ट प्रबंधन समेत अन्य योजनाओं को सिरे चढ़ाने के लिए टेंडर लगाने जा रहा हैं।



नगर निगम फरीदाबाद देश के दस लाख आबादी वाले शहरों में शामिल है। इस पर निगम को वित्त आयोग से पैसे मिलते हैं। इसके लिए निगम ने पांच साल की कार्य योजना बनाकर पंद्रहवें वित्त आयोग को भेजी थी। आयोग ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 51 करोड़ रुपये का बजट मंजूर कर दिया है। निगम का कहना है कि जिस मद के लिए पैसे मिले हैं, उसके लिए जल्द ही टेंडर जारी किया जाएगा ताकि समय पर काम हो सके।
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नगर निगम पांच तालाबों व निगम में शमिल गांवों में पानी की लाइन समेत अन्य कार्य भी कराएगा। नगर निगम के कार्यकारी अभियंता नितिन कादियान ने बताया कि संबंधित कार्यों को कराने के लिए जल्द ही टेंडर जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पंद्रहवें वित्त आयोग को शहर में होने वाले कार्याें का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। इसी कार्याें पर पैसे खर्च होंगे। इसमें सबसे ज्यादा पैसा पानी बचाने और पेयजल पर खर्च होगा।

इन मदों पर खर्च होगा पैसा
डिसेंट्रलाइज ग्रीन वेस्ट
:

सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत नगर निगम डिसेंट्रलाइज ग्रीन वेस्ट संयंत्र स्थापित करेगा। इसके तहत मिश्रित कूड़े के निस्तारण करने की तैयारी है। इस पर करीब 19 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे कूड़े को बंधवाड़ी नहीं भेजना पड़ेगा। शहर में कूड़ा निस्तारण की गंभीर समस्या है।

पार्काें में लगेंगे एसटीपी : नगर निगम की पार्काें में लघु सीवर शोधन संयंत्र लगवाने की योजना है। इसमें 15 संयंत्र पार्काें में लगाए जाने हैं। एसटीपी की क्षमता 50 केएलडी तक होगी। इससे भूजल दोहन को कम किया जा सकेगा और सीवर ओवरफ्लो की समस्या से राहत मिलेगी। इस पर दो करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे जल संरक्षण में मदद मिलेगी।



रेन वाटर हार्वेस्टिंग : नगर निगम क्षेत्र में करीब 210 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगे हुए हैं। इनके रखरखाव के लिए भी पैसे खर्च किए जाएंगे। कई सिस्टम खराब हो चुके हैं। निगम उन्हें ठीक कराकर पानी संचय को लेकर कदम उठाएगा। अभी रखरखाव के अभाव में सिस्टम बदहाल हैं।



एंटी स्मॉग गन :
शहर में प्रदूषण एक गंभीर समस्या है। ऐेसे में नगर निगम की पांच बड़े ट्रक आधारित स्प्रिंकलर लगे एंटी स्मांग गन और 10 छोटे एंटी स्माॅग गन लेने की योजना है। इस पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे प्रदूषण बढ़ने पर पानी का छिड़काव किया जाएगा।
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50 ट्यूबवेल : शहर के कई क्षेत्रों में पेयजल की समस्या रहती है। ऐसे में जरूरत के अनुसार काॅलोनियों व सेक्टरों में ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। योजना के तहत पेयजल के लिए 50 ट्यूबवेल लगाए जाने हैं। इस पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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