संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ यातायात पुलिस लगातार अभियान चला रही है। पुलिस का मानना है कि इससे लोगों में नियमों के प्रति जागरूकता बढे़गी और सरकार के राजस्व में भी बढ़ावा मिलेगा, लेकिन इस सब के बीच ट्रैफिक पुलिस के थानेदार और होमगार्ड चालान के पैसों से अपना घर भरने में लगे थे। आरोपी चालान काटने के बाद आए पैसों को सरकारी खजाने में जमा कराने की बजाय अपनी जेब में रख रहे थे। पुलिस ने एक ईएसआई और होमगार्ड को गिरफ्तार कर लिया है।
यातायात थाना प्रभारी विनोद कुमार को सूचना मिली थी कि ईएसआई रतन सिंह यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों का ई-मशीन से चालान करते हैं। आरोपी चालान की राशि का नकद भुगतान लेते हैं। इसके बाद होमगार्ड शिवेन्द्र शुक्ला की मदद से मशीन का डाटा डिलीट कर देते हैं। इससे सारा रिकॉर्ड गायब हो जाता है और आरोपी वाहन चालकों द्वारा चालान के नकद भुगतान को अपने पास रख लेते हैं। इससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है।
सूचना देने वाले ने निरीक्षक विनोद कुमार को वाहनों के चालान की पर्ची भी दिखाई। जांच के दौरान वाहनों के चालान और भुगतान का रिकाॅर्ड नहीं मिला। इस पर थाना सेंट्रल पुलिस ने ईएसआई और होमगार्ड के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पांच सौ रुपये लेकर डाटा डिलीट करता था होमगार्ड
निरीक्षक विनोद कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि होमगार्ड शिवेन्द्र शुक्ला की तैनाती यातायात थाने में थी। वह थाने में ई-मशीन की देखरेख करता है। ईएसआई रतन सिंह थाने में उससे काटे गए चालान को ई-मशीन से डिलीट करवाता था। इसके लिए होमगार्ड शिवेन्द्र को एक मशीन के पांच सौ रुपये मिलते थे। आरोपी ईएसआई ने 26 जनवरी से 24 फरवरी तक छह वाहनों के चालान नकद में किए। चालकों को नकद जुर्माने की रसीद भी दी थी। आरोपी ने पैसों को विभाग में जमा न कराकर अपने पास रख लिया।
सीएम फ्लाइंग की टीम रख रही थी आरोपी पर नजर
सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों की हरकत का पता सीएम फ्लाइंग को लग गया था। काफी समय से टीम आरोपियों पर नजर रखे हुए थी। नकद भुगतान की पर्ची मिलने के बाद टीम के हाथ पुख्ता सबूत लग गए। इसके बाद मामले की जानकारी ट्रैफिक विभाग को दे दी गई। आरोपी रतन सिंह पर घटना से दो दिन पहले एक युवक से मारपीट के आरोप भी लगे थे। युवक का कहना था कि वह ऑनलाइन चालान भुगतना चाहता था जबकि रतन सिंह नकद भुगतान पर जोर दे रहा था। इसके बाद रतन सिंह व अन्य ने उसके साथ मारपीट की थी।
आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। पूरे गबन में जो भी शामिल है उसके खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं।
-सूबे सिंह, पुलिस प्रवक्ता