फरीदाबाद (धनंजय चौहान)। शहर के करीब साढ़े सात हजार मकानों के छज्जे बिजली निगम के निशाने पर हैं। दरअसल, यह छज्जे इस कदर अवैध रूप से आगे बढ़ाकर बनाए गए हैं कि खंभों के तार इन छज्जों को छूने लगे हैं। आसपास तारों का जाल सा बन गया है। इससे हमेशा किसी बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। पूर्व में हो चुकी ऐसी ही कई घटनाओं के बाद विभाग ने इन भवन स्वामियों को नोटिस जारी किया था। अब त्योहारी सीजन बीत जाने के बाद इन पर कार्रवाई की जाएगी।
बिजली के तार और मकानों के बीच की दूरी लगातार कम होने से करंट लगने का खतरा बढ़ता जा रहा है। दो महीने पूर्व दो लोगों की करंट की चपेट में आने से मौत के बाद बिजली निगम सख्त हो गया है। इन हादसों से सबक लेते हुए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने अवैध तरीके से आगे तक छज्जा बढ़ाने वाले भवन मालिकों को नोटिस जारी किए हैं। लोगों को 15 दिनों में छज्जे हटाने के निर्देश जारी किए हैं। ऐसा नहीं करने पर निगम की ओर से उन्हें तोड़ दिया जाएगा। साथ ही उनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया जाएगा।
बिजली निगम के एक अधिकारी ने बताया कि डबुआ कॉलोनी, संजय कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी, पर्वतिया कॉलोनी, राजीव कॉलोनी, इंद्रा एंक्लेव, ओल्ड फरीदाबाद सरूरपुर, नंगला और पाली आदि इलाके में साढे़ सात हजार लोगों ने तारों के नीचे व घरों के छज्जे लाइनों के साथ चिपका कर बनाए हुए हैं। बिजली निगम ने बिजली लाइनों को शिफ्ट करने की बजाये मकान मालिकों को ही नोटिस जारी किए है। निगम ने बिजली लाइनों के नीचे बने मकान और लाइन से लगते छज्जों को अवैध निर्माण बताया है और इन अवैध निर्माणों को हटाने को कहा है। इसके लिए निगम की ओर से नोटिस प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
वर्जन
छज्जे और बिजली के तार के बीच कम से कम छह से सात फुट की दूरी होती है। लोग अवैध रूप से मकान बनाकर छज्जे को बिजली के तारों तक ले आते हैं। ऐसे घरों की पहचान की गई। विभाग की ओर से भवन मालिकों को नोटिस जारी कर छज्जे हटाने के लिए कहा गया है। अगर 15 दिन में छज्जे नहीं हटाए तो बिजली निगम के नए नियमानुसार तोड़ा जाएगा। भवन मालिकों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया जाएगा।
- नरेश कक्कड़, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम