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सस्ते के चक्कर में फंसे बुजुर्ग, छिन रहा आशियाना

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फरीदाबाद। दिल्ली-हरियाणा के बॉर्डर पर अरावली क्षेत्र में बसे गांव खोरी में अनपढ़ बुजुर्ग भूमाफिया के चक्कर में फंस गए। उन्होंने सस्ते दामों पर जमीन ली। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के तोड़फोड़ के आदेश के बाद अब बच्चों को सिर से छत जाने का डर है। प्रशासन कभी भी कार्रवाई कर सकता है। यह सोचकर लोग रो पड़ते हैं। लोगों ने कहा के यदि सरकार ने भूमाफिया पर पहले कार्रवाई की होती, तो आज हजारों लोगों के मकान टूटने से बच जाते।
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7 जून को सुप्रीम कोर्ट ने अरावली क्षेत्र में अवैध रूप से बसे गांव खोरी में तोड़फोड़ कर नगर निगम को जमीन खाली करवाने के आदेश दिए हैं। तोड़फोड़ की कार्रवाई से अवैध रूप से बसे करीब 10 हजार घरों को तोड़ा जाना है। इसके लिए जिला प्रशासन और नगर निगम, पुलिस प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। सोमवार को पुलिस प्रशासन की ओर से गांव में फ्लैग मार्च निकाला। मार्च के दौरान पुलिस अधिकारियों ने लोगों से घर खाली करने के लिए कहा। अधिकारियों ने कहा कि तोड़फोड़ से पहले लोगों को कुछ समय दिया गया है, जिससे लोग घरों को स्वयं खाली कर दें। उनका ज्यादा नुकसान न हो। लोगों को जागरूक करने के लिए निगम की ओर से लगातार मुनादी का कार्य जारी है। हालांकि लोग सरकार से तोड़फोड़ की कार्रवाई को रोकने की मांग कर रहे हैं। वहीं कार्रवाई से पहले उन्हें दूसरी जगह घर देने की भी मांग की जा रही है। हालांकि सरकार ने खोरी गांव के पुनर्वास के लिए प्रशासन को आदेश दिए है। लेकिन जैसे-जैसे तोड़फोड़ के लिए छह सप्ताह का समय नजदीक आ रहा है। लोगों के दिलों की धड़कने बढ़ती जा रही है।
अन्य दिनों की तरफ सोमवार को भी अनेक लोग घरों को खाली करके जाते दिखाई दिए। वहीं दूसरी तरफ अब लोग अपने बड़े-बुजुर्गों को भी कोसने लगे हैं। अमर उजाला से बातचीत करते हुए कई लोगों ने बताया कि अगर उनके बुजुर्ग कम पढ़े लिखे थे। ज्यादातर ने स्कूल देखा ही नहीं थी। ऐसे में वह भूमाफियाओं का शिकार हो गए। उनकी इस गलती के वजह से बच्चों से आशियाना छिन रहा है। यदि वह पहले ही अपनी जीवन भर की कमाई को वैध जगह जमीन लेकर लगा देते तो उन्हें आज यह सितम नहीं झेलना पड़ता।
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घरों में अभी भी डटे हैं लोग
स्थानीय निवासी कीमती लाल, शमीम खान, सुगंधा और पुष्पा ने बताया कि खोरी में लोग घरों को खाली जरूर कर रहे है, लेकिन जमीन को छोड़कर जाने को तैयार नहीं है। गांव में नगर निगम और बिजली निगम द्वारा बिजली पानी बंद किए जाने के बाद अनेक लोग किराये के मकानों में चले गए है। लोग केवल घर के कीमती सामानों को दूसरी जगह शिफ्ट किए है। रहने के लिए अभी भी खोरी में ही आते है। लोगों को डर है कि प्रशासन रात के समय घर खाली देख कभी भी तोड़फोड़ की कार्रवाई कर सकता है। इसलिए घर को खाली नहीं छोड़ते है।
वर्जन
हमारी तरफ से तैयारियां पूरी है। लोगों को जल्द से जल्द घरों को खाली करने के लिए कहा गया है। इसके बाद भी अगर लोग घरों को खाली नहीं करेंगे तो निगम अपनी कार्रवाई शुरू कर देगा। - डॉ. गरिमा मित्तल, नगर निगम आयुक्त
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