संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। एनआईटी 2 स्थित ताऊ देवी लाल वृद्धाश्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की ओर से विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम बुजुर्ग हैं हमारे सामाजिक रक्षा कवच का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला एवं सत्र न्यायाधीश (डीएलएसए) संदीप गर्ग और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (डीएलएसए) रीतू यादव के सानिध्य में संपन्न हुआ।
इस दौरान रीतू यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों को भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 के अंतर्गत मिलने वाले कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूक किया। इसमें विशेष रूप से उन्होंने धारा 23 का उल्लेख किया, जिसके अंतर्गत अगर कोई वरिष्ठ नागरिक अपनी संपत्ति अपने बच्चों या संबंधियों को इस शर्त पर हस्तांतरित करता है कि वे भोजन, वस्त्र, चिकित्सा एवं आश्रय जैसी बुनियादी जरूरतों की पूर्ति करेंगे और यह शर्त पूरी नहीं की जाती है तो वरिष्ठ नागरिक को उक्त संपत्ति वापस प्राप्त करने का वैधानिक अधिकार है।कार्यक्रम में कुल 54 बुजुर्ग शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान रविन्द्र गुप्ता, कृष्ण लाल बजाज, आशा अरोड़ा आदि शामिल रहे।