बिहार का विकास गया था परिवार के साथ
मूलरूप से सीतामढ़ी, बिहार निवासी विकास झा, यहां अमर सिंह कॉलोनी तिलपत में रहते थे। 9 फरवरी 2019 को वह अपनी पत्नी और ससुर प्रेमचंद के साथ सूरजकुंड मेला देखने आए थे। प्रेमचंद ने बताया कि इस दौरान उनके दामाद और बेटी झूला झूलने की जिद करने लगे तो वह लोग मेला में बने एम्यूजमेंट पार्क में चले गए। वहां उनके दामाद विकास झा चेयर वाला झूला (डिस्को झूला) झूलने चले गए। प्रेमचंद के अनुसार अभी झूले ने एक चक्कर भी पूरा नहीं काटा था कि झूले का हत्था टूटने के कारण वह लटक गए। झूले के नीचले हिस्से में चोट लगने से खून बहने लगा था। पुलिस व मेला प्राधिकरण के अधिकारियों ने एंबुलेंस से विकास झा को एशियन अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने सिर का ऑपरेशन किया था।
10 महीने तक नहीं आया होश
पुलिस को दी शिकायत में निशी झा ने बताया कि 9 फरवरी को हुए हादसे के बाद से उनके पति विकास झा सिर फटने की वजह से ब्रेन की हड्डी टूटी हुई थी और कपड़े खून से लथपथ थे। आरोप लगाया है कि यह घटना सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते हुई। सुरक्षा अधिकारी ने सही समय पर झूला नहीं रोका और विकास को झूले से उतारने में देरी हुई। पुलिस ने इन आरोप के आधार पर मेला अथॉरिटी के खिलाफ नवंबर 2019 में एफआईआर दर्ज की थी।