फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आठ साल पहले भी हुआ था हादसा: सूरजकुंड में पहले भी टूट चुका झूला, बिहार का विकास हुआ था शिकार; 10 माह था बेहोश

Sat, 07 Feb 2026 11:07 PM IST
विकास कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

विकास को हादसे के बाद 10 महीने तक होश नहीं आया था। इसके बाद पत्नी की शिकायत पर लापरवाही का केस पुलिस ने दर्ज किया था। 
 
विज्ञापन
सूरजकुंड मेले में बड़ा हादसा - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में आठ साल पहले भी हादसा हुआ था। साल 2019 में 9 फरवरी को एम्यूजमेंट पार्क में झूले में एक युवक की झटका लगने से सिर में गंभीर चोट आई थी। युवक को 10 महीने तक होश नहीं आने पर पुलिस ने पत्नी की शिकायत पर मेला प्रबंधक के खिलाफ लापरवाही को लेकर एफआईआर दर्ज की थी।

विज्ञापन

बिहार का विकास गया था परिवार के साथ
मूलरूप से सीतामढ़ी, बिहार निवासी विकास झा, यहां अमर सिंह कॉलोनी तिलपत में रहते थे। 9 फरवरी 2019 को वह अपनी पत्नी और ससुर प्रेमचंद के साथ सूरजकुंड मेला देखने आए थे। प्रेमचंद ने बताया कि इस दौरान उनके दामाद और बेटी झूला झूलने की जिद करने लगे तो वह लोग मेला में बने एम्यूजमेंट पार्क में चले गए। वहां उनके दामाद विकास झा चेयर वाला झूला (डिस्को झूला) झूलने चले गए। प्रेमचंद के अनुसार अभी झूले ने एक चक्कर भी पूरा नहीं काटा था कि झूले का हत्था टूटने के कारण वह लटक गए। झूले के नीचले हिस्से में चोट लगने से खून बहने लगा था। पुलिस व मेला प्राधिकरण के अधिकारियों ने एंबुलेंस से विकास झा को एशियन अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने सिर का ऑपरेशन किया था।
विज्ञापन

10 महीने तक नहीं आया होश
पुलिस को दी शिकायत में निशी झा ने बताया कि 9 फरवरी को हुए हादसे के बाद से उनके पति विकास झा सिर फटने की वजह से ब्रेन की हड्डी टूटी हुई थी और कपड़े खून से लथपथ थे। आरोप लगाया है कि यह घटना सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते हुई। सुरक्षा अधिकारी ने सही समय पर झूला नहीं रोका और विकास को झूले से उतारने में देरी हुई। पुलिस ने इन आरोप के आधार पर मेला अथॉरिटी के खिलाफ नवंबर 2019 में एफआईआर दर्ज की थी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें