विधानसभा स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम।
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'यदि यह परंपरा नहीं बनी, तो हमें भी लोग भूल जाएंगे'
संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि कुछ आवश्यक कार्यों के कारण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि मैं उनकी उपस्थिति दर्ज करा रहा हूं। उन्होंने बताया कि पहली बार वर्ष 2020 में ओम बिरला लोकसभा अध्यक्ष बने। उनके अध्यक्षता काल में हमें बहुत कार्य करने का अवसर मिला। उनकी नेतृत्व क्षमता को हमने नज़दीक से देखा है। आज एक बार फिर ऐसा अवसर प्राप्त हुआ है, इसके लिए बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार जी का मैं धन्यवाद करता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि एक दिन बिहार विधान मंडल का भी कार्यक्रम होना चाहिए, ताकि सभी लोगों की आपस में मुलाकात हो सके। जो आज सुर्खियों में हैं, वे कल भूतपूर्व हो जाते हैं और बाद में इतिहास बन जाते हैं। ऐसा आयोजन होना चाहिए जिसमें पूर्व मंत्री और विधायक भी शामिल हों, जिससे वातावरण सुखद लगे। एक दिन का कार्यक्रम तय किया जाए, जिसमें सभी वर्तमान और पूर्व मंत्री एवं विधायक आपस में मिल सकें। इससे एक अलग ही नज़ारा देखने को मिलेगा। यदि यह परंपरा नहीं बनी, तो हमें भी लोग भूल जाएंगे। इसलिए एक निश्चित तिथि तय होनी चाहिए, ताकि बिहार विधानसभा के वर्तमान और पूर्व सदस्यों को आपस में मिलने-जुलने का अवसर मिल सके।
लोकसभा अध्यक्ष का स्वागत करते डिप्टी सीएम विजय सिन्हा।
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'20 माह इस मंदिर का सेवा करने का मौका मिला'
डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि 243 विधायक हैं। 41 लगातार सदन में आएं हैं। पहली बार कम उम्र में हमें बिहार विधानसभा अध्यक्ष बनने का मौका मिला। हम सोच रहे थे कि हम कैसे चलाएंगे। 20 माह इस मंदिर का सेवा करने का मौका मिला। सीएम नीतीश कुमार का सहयोग मिला। हमने भी सभी विधायकों को पूरा सहयोग किया। एक सदस्य ने भगवान राम को काल्पनिक कहा। संविधान के मूल पत्रों में भगवान राम, मां सीता और लक्ष्मण का वर्णन व चित्र है। भगवान बुद्ध समेत कई भगवान की चर्चा है। सभी मूल पत्रों को मंगवाया।
सभापति बोले- हल्ला और हंगामा नहीं करना चाहिए
बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि इस धरती से मैं कहूंगा अगर कोई सशक्त थे कर्पूरी ठाकुर, अनुग्रह बाबू थे। आज हम लोग यहीं होने आए हैं। आज हम संकल्प लें कि सशक्त हो कर जाएं। बिहार के वैशाली से लोकतंत्र सशक्त हुआ। विधायकों का जवाबदेह होना। और न्याय के साथ बिहार के सीएम नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लेकर चल रहे हैं। यहीं कारण है कि जनता विश्वास करती है। बिहार विधानसभा और लोकसभा में प्रतिनिधियों को हल्ला और हंगामा नहीं करना चाहिए। यही कारण है कि समय का सदुपयोग नहीं करने के कारण सही कार्य हो पाता है। आज सभी लोग संकल्प लेकर जाएं और सशक्त लोकतंत्र बनाएं।
'इतिहास हमेशा भविष्य बनाने की ताकत देता है'
राज्य सभा के उप सभापति हरिवंश ने कहा कि इतिहास हमेशा भविष्य बनाने की ताकत देता हैं। यह बढ़ते बिहार और देश की झलक है। सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विकास की ओर अग्रसर हुआ। बिहार का बजट ही बिहार की बढ़ती झलक है। आज सभी टेक्नोलॉजी अपनाया गया है। आज बिहार विधानसभा का पुस्तकालय आज कुछ अलग दिख रहा है। महत्वपूर्ण दस्तावेजों को आनलाइन अपलोड किया जा रहा है। भविष्य में बच्चों को बहुत फायदा होगा। डिजिटल माध्यम से विधायक बेहतर काम कर सकते हैं। बिहार को बढ़ाने में जनप्रतिनिधियों का अहम भूमिका रहा है। जय प्रकाश नारायण भी इस धरती से क्रांति की शुरुआत की। भारत को ईमानदार लोगों की जरूरत है। अंबेडकर साहब ने कहा था कि अगर लोग निजी स्वार्थ को नहीं छोड़ेंगे तो देश फिर गुलाम हो जाएगा। इस मौके पर श्री बाबू समेत कई गणमान्य लोगों की पंक्तियां पढ़ कर सुनाया। विधानसभा अध्यक्ष पद सबसे बड़ा है। उसको कोई चैलेंज नहीं कर सकता हैं। अनेक नियम है। 1958 से लिखे गए नियमों का सभी लोगों ने मना। किसी एक व्यक्ति के जिद पर चलेगा, यह बड़ा विडम्बना है। राहुल गांधी पर इशारे इशारे में जम कर प्रहार किया। उन्होंने का की गांधी जी ने कहा था कि नियमों से संवैधानिक तरीके से काम करने से देश आगे बढ़ता है। सभी लोगों की सहमति बनाकर आगे बढ़ना होगा। 2014 के बाद देश तेजी से आगे बढ़ रही है। समय पर कानून बने, तभी बेहतर कर सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू।
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बिहार से जो भी जीत कर आते हैं,वह बहुत बढ़िया वक्ता होते हैं
भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि आप लोगों के बीच आने का मौका मिला और अच्छा लगा। अध्यक्ष जी ने कहा आपको आना चाहिए, मैं तब पटना आने का फैसला लिया। बिहार और लाइव पहला चैनल है। बिहार से मदद मिलता है। बिहार से जो भी जीत कर आते हैं,वह बहुत बढ़िया वक्ता होते हैं। बिहार से मेरा पूराना लगाव है, वह है बिहार की धरती। बिहार का नहीं हूं, लेकिन बिहार को बहुत अच्छा लगाव है, भगवान बुद्ध की धरती और ज्ञान की धरती है। बौद्ध धर्म का आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है। बुद्ध का अवशेष लेकर विदेश जाता हूं। लोग यह देख हमें भी सम्मान देते हैं। आज जो हमें मिल रहा है, वह बिहार के कारण। हम लोग मजबूत होंगे तब ही आप दूसरे को मदद कर सकते हैं। हमारे पास काम है, वह दुनिया में नहीं है। हम चीन के आसपास आबादी है। हम जानते जो भारत देश के प्रतिनिधि जो कर सकते हैं, वह चीन के प्रतिनिधि नहीं कर सकता है। विदेश में 70 हजार का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन भारत के एक प्रतिनिधि 25 लाख का प्रतिनिधित्व करते हैं। लोगों का कष्ट का निदान भी करना फिर अगले चुनाव में जाना है। भारत देश के प्रतिनिधि को काफी मेहनत करना पड़ता है। जिसका नहीं हुआ, वह गाली भी देते हैं। टेंशन रखकर कोई भी काम नहीं कर सकता। इसलिए मैं टेंशन नहीं लेता हूं। इ आनलाइन से काफी फायदा होगा। इसका जीतना लाभ आप उठा सकते हैं, ज्यादा फायदा होगा। जो पहली बार जीत कर सदन में आएं हैं, उन्हें अधिक फायदा होगा। लंबा काम करना है, उनके लिए यह बहुत काम आएगा। बिहार का इतिहास आए भी जीवंत है। जब नीतीश कुमार जवान थे, तगड़ा बोलते थे। धीरे-धीरे बुजुर्ग होते जा रहे हैं।
जानिए, कौन कौन शामिल हुए कार्यक्रम में
कार्यक्रम में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू एवं राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव तथा विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव की भी गरिमामय उपस्थिति रही। कार्यक्रम में बिहार मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य, विधानसभा एवं विधान परिषद के सभी सदस्य तथा अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।