फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में पेयजल की समस्या दूर करने के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) यमुना नदी में बैराज बनाने की योजना पर काम कर रहा है। यमुना के पानी को रेनीवेल के आसपास लाकर रिचार्ज करने की योजना है, जिससे शहर में पेयजल की कमी को दूर किया जा सके। इस पर करीब 125 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
निगम क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति भू-जल पर आधारित है। इसके लिए यमुना नदी के किनारे एक दर्जन से ज्यादा रेनीवेल लगे हुए हैं। इसके माध्यम से पानी सेक्टरों और कॉलोनियों में बूस्टिंग स्टेशनों (जलघर) तक पहुंचता है। इसके बाद घरों में पानी की सप्लाई होती है। वहीं, शहर में करीब 1100 ट्यूबवेल भी लगे हैं। रेनीवेल और ट्यूबवेल के माध्यम से शहर में पानी की सप्लाई की जा रही है। इससे काफी मात्रा में भूजल का दोहन हो रहा है जबकि, इसके लिए पानी रिचार्ज करने के बेहतर इंतजाम नहीं हैं।
इस समस्या को दूर करने के लिए एफएमडीए द्वारा मठूका के पास बैराज बनाकर पानी को एकत्रित किया जाएगा। इसे आपातकाल स्थिति में ट्रीटमेंट (पीने योग्य) कर रेनीवेल के माध्यम से घरों तक पहुंचाने की योजना है। एफएमडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कई बार बारिश कम होने से भी पेयजल की समस्या हो जाती है, बैराज के माध्यम से इसे भी दूर किया जा सकता है। इस परियोजना को सिरे चढ़ाने के लिए सिंचाई विभाग को परामर्शदाता के रूप में रखा गया है। जिले में जनसंख्या के अनुसार करीब 450 एमएलडी पेयजल की जरूरत है लेकिन करीब 250 से 300 एमएलडी ही पानी की आपूर्ति हो रही है। इसे दूर करने के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में करीब 10-12 रेनीवेल लगाए जाने है। एक रेनीवेल करीब 10 एमएलडी ही पेयजल की आपूर्ति कर पाता है। ऐसे में यमुना नदी पर बैराज बनाने से पेयजल की समस्या दूर हो सकती है।
यमुना के पानी को स्टोर करने के लिए मठूका में योजना तैयार की जा रही है। इसकी योजना तैयार करने की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग को सौंपी गई है। सबकुछ ठीक रहा तो इस पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।
-एनडी वशिष्ठ, मुख्य अभियंता एफएमडीए