फरीदाबाद। शुक्रवार शाम को भूकंप के झटके लगने पर लोग अपने घरों व दफ्तरों से बाहर निकल आए। ग्रेटर फरीदाबाद और सूरजकुंड क्षेत्र की हाईराइज इमारतों में रहने वाले लोग काफी देर तक भूकंप के झटकों के कारण भयभीत दिखे और वापस घरों में जाने से कतराते रहे। हालांकि किसी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.5 रही, जिसका केंद्र राजस्थान के अलवर जिले में था।
शुक्रवार शाम करीब 7 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस दौरान लोगों ने कार्यालयों व घरों में टेबल पर रखा सामान व पंखे हिलते देखे। बहुत से लोगों को कुर्सी में कंपन होने व उसके हिलने से भूकंप आने का अहसास हुआ। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार कि गुरुग्राम के दक्षिण-पश्चिम में 63 किमी दूरी अलवर के पास भूकंप का केंद्र था। ग्रेटर फरीदाबाद स्थित पार्क ग्रेंड्यूरा सोसाइटी के आरडब्ल्यूए प्रधान विशाल गुप्ता ने बताया कि घर में लगा पंखा जोर-जोर से हिलने लगा। ये देखकर वे डर गए और तुरंत उसे बंद किया। भूकंप की आशंका को देख परिवार के साथ फ्लैट से नीचे आ गया और काफी देर तक बाहर खुले में ही खड़े रहे। गुलशन बुद्धिराजा ने बताया अन्य लोगों को नीचे उतरता देख वह भी सोसाइटी से बाहर आ गए। हालांकि उन्हें भूकंप आने का पता नहीं चला।
खतरनाक जोन में शामिल
फरीदाबाद जिला भूकंप के लिहाज से खतरनाक जोन सीस्मिक-4 में शामिल है। यह काफी संवेदनशील माना जाता है। यही कारण है कि यहां हाईराइज बिल्डिंग बनाने से पहले कई तरह की औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। पिछले करीब डेढ़ माह में दिल्ली-एनसीआर में करीब एक दर्जन बार भूकंप के झटके लग चुके हैं।