दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के उतार पर कैली गांव के पास हुआ हादसा
सोमवार सुबह लगभग साढ़े 7 बजे हुआ हादसा
घायल के बयान पर सेक्टर-58 थाना में एफआईआर दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। घने कोहरे के चलते दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे के मथुरा हाईवे उतार पर कैली गांव के पास हुए सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। वहीं तीसरा व्यक्ति घायल हो गया जो हादसे के समय कार चला रहा था। आरोप है कि आगे चल रहे कैंटर चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए, जिसके चलते ये हादसा हो गया। घायल कार चालक हर्ष को राहगीरों ने मदद कर कार से निकाल पास के अस्पताल पहुंचाया। वहां परिचालक सीट पर विशाल और पीछे बैठे विशाल के चालक संदीप कैंटर के पीछे फंसी कार में दम तोड़ चुके थे।
पुलिस ने क्रेन बुलाकर कार को खिंचवाकर कैंटर के पिछले हिस्से से निकलवाया। दोनों शवों को कार से बाहर निकाला गया। एंबुलेंस बुलाकर दोनों शवों को मोर्चरी पहुंचाया गया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि दोपहर बाद सेक्टर-58 थाना पुलिस ने घायल हर्ष सिंह के बयान पर सेक्टर-58 थाना में अज्ञात कैंटर चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस टीम अब कैंटर चालक की तलाश कर रही है।
कैली गांव के पास ये हादसा सोमवार सुबह लगभग साढ़े 7 बजे हुआ। जयपुर सोडाला के रहने वाले 21 साल के हर्ष सिंह ने बताया कि वो रविवार देर रात लगभग 1 बजे दोस्त जयपुर गोपालपुरा के विशाल ने उसे कॉल की थी। विशाल ने कॉल कर कहा कि वो अपने चालक मेवात नूंह के संदीप के साथ उत्तराखंड नीम करौली बाबा के दर्शन करने जा रहा है, तुम भी साथ चलो। देर रात ढाई बजे विशाल व चालक संदीप इंडेवर कार नंबर एचपी 58 9003 लेकर हर्ष के घर पहुंचा। उस समय कार को संदीप चला रहा था, बाद में कार को हर्ष चलाने लगा और संदीप पीछे बैठ गया। हर्ष के अनुसार सोमवार सुबह लगभग साढ़े 7 बजे मुंबई एक्सप्रेस-वे पर वे मथुरा हाईवे के पास कैली गांव से नीचे उतरने लगे तो आगे कैंटर नंबर एचआर 55 एजी 7855 चल रहा था। धुंध भी काफी ज्यादा थी और अचानक से कैंटर चालक ने ब्रेक लगा दिए, जिसके चलते इंडेवर कार ट्रक में टकराकर उसके नीचे परिचालक साइड से फंस गई।
एयरबैग खुलने के बाद भी नहीं बची जान
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एसयूवी कार इंडेवर का परिचालक साइड का हिस्सा व छत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। कार के एयरबैग खुलने के बाद भी हादसे में कार चला रहे हर्ष के बगल में बैठे विशाल और पीछे बैठे संदीप की गंभीर चोटों के चलते मौके पर ही मौत हो गई। हर्ष को भी बांई आंख और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट लगी। राहगीरों ने मदद करते हुए हर्ष को बल्लभगढ़ सरकारी अस्पताल पहुंचाया। सूचना के बाद हर्ष के परिचित सेक्टर-7 फरीदाबाद के मनोहर सिंह चौहान बल्लभगढ़ सिविल अस्पताल पहुंचे और वहां से हर्ष को निजी अस्पताल ले जाया गया। दोपहर के समय हर्ष को अस्पताल से छुट्टी मिल गई तो उसने पुलिस को शिकायत देकर कैंटर चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।