ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में तीसरी मंजिल पर अलग से बनाया गया वार्ड
हेमलता
फरीदाबाद। एनआईटी तीन नंबर स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की तरफ से नशे करने वाले मरीजों को अब भर्ती करके उपचार दिया जाएगा। इसके लिए तीसरी मंजिल पर अलग से एक वार्ड बनाया गया है। जिसमें कुछ बेड आरक्षित किए गए हैं।
मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के डीन डॉक्टर एके पांडे ने बताया कि अस्पताल में रोजाना 3000 से अधिक मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। जिनमें 300 से 500 मरीज नशा मुक्त होने का उपचार करवाने के लिए आते हैं। उन मरीजों को ओपीडी में डॉक्टरों की ओर से उपचार के साथ-साथ काउंसलिंग भी दी जाती है, ताकि वह नशे से दूर हो सकें। उन मरीजों में से कुछ ऐसे भी होते हैं, जिनको भर्ती कर उपचार देना अनिवार्य होता है। उन मरीजों को ध्यान में रखते हुए उनकी ओर से ओपीडी में तीसरी मंजिल पर एक वार्ड बनाया गया है। जिसमें नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले मरीजों को भर्ती किया जाएगा।
ओपीडी में होती थी सिर्फ काउंसलिंग
पांडे ने बताया कि पहले नशा करने वाले मरीजों को ओपीडी में उपचार देने के बाद उनकी काउंसलिंग की जाती थी। उसके बावजूद कुछ मरीज दवा के साथ-साथ नशीले पदार्थों का सेवन करते थे। जिससे उनको दोबारा से नशे की लत लग जाती थी। उसी को ध्यान में रखते हुए अब उन मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया जाएगा।
जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस भी चला रही अभियान
जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस की ओर से समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। जिसमें लोगों को नशे से बचने के सुझाव दिए जाते हैं। साथ ही लोगों से गुजारिश की जाती है कि अगर कोई अवैध रूप से नशीले पदार्थ बेचने का कार्य करता है तो उसकी सूचना पुलिस को दी जाए। ताकि वह आरोपी को पकड़ने में कामयाब हो सकें और स्मार्ट सिटी को नशा मुक्त बना सकें।